गुडी पांडवा के विशेष अवसर पर एक कदम आगे लेते हुए गुरप्रीत चड्ढा, कांग्रेस राजनीतिज्ञ और लिज़ा मलिक, अभिनेत्री, झुग्गी बच्चों के बीच गुडि पांडवा का जश्न मनाते हुए बच्चों को नोटबुक, पेंसिल, पेन, इरेज़र, बांटी, गुरप्रीत और लिज़ा की टीम ने समोसा पाव, वाडा पाव भी दिया। चूंकि कसाम नगर झोपड़पट्टी में गुरप्रीत और लीज़ा के आने की खबरें फैल गईं, दर्शकों ने कुछ ही समय में इकट्ठा होना शुरू कर दिया, चारों ओर प्रशंसकों और गरीब बच्चो का एक बड़ा सा सैलाब उमड़ पड़ा।
गुरप्रीत ने इस झुग्गी क्षेत्र को गोद भी लिया हुआ है, और हमेशा इस तरह की पहल करती रहती हैं। चूंकि वह पंजाबी ग्लोबल फाउंडेशन की सदस्य भी हैं, इसीलिए वह हमेशा प्रत्येक मलिन बस्तियों के बच्चों की मदद के लिए तैयार रहती है । लिज़ा मलिक जो अपने पेशे से एक अभिनेत्री हैं वह हमेशा जितना भी संभव हो सकता है दान करती आ रही है,मगर यह पहली बार संभव हुआ है की वह खुद मलिन बस्ती में जाकर अपने हाथो से गरीब बच्चो की मदत कर रही हों।
बच्चों के रूप में भगवान का चेहरा होता है, हम सभी जानते हैं कि झुग्गी बस्तियों में रहने वाले बच्चे शिक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य से बहुत दूर हैं, गुरप्रीत और लिज़ा ने बच्चो को खिलोने, किताबे और खाने को भी बहुत कुछ बांटा, मगर शायद बच्चो को इन सब चीज़ो से अधिक कुछ चाहिए था, और वह इन्होने बच्चो को गले लगाकर पूरा कर दिया।
गुरप्रीत और लिज़ा लंबे समय से अच्छे दोस्त हैं, जैसे कि गुरप्रीत ने मीडिया के लोगों से बात करते हुए बताया, "हम सब ने आखिरी 4 से 5 दिनों में सब कुछ योजना बनाई थी और गुड़ीपाडवा के महान अवसर पर झुग्गी के बचो को थोड़ा सा प्रकाश में लाने की कोशिश की"।
गुरप्रीत और लिजा ने भारत के सभी नागरिकों को एक प्यारा संदेश भी दिया कि "अगर हम सब कुछ हमारे वेतन से थोड़ा भी दान करते हैं, तो हम सब मिलकर मलिन बस्तियों की स्थिति में जरूर सुधार ला सकते हैं"।