इमरान अहमद खान निर्देशित फिल्म "नोट पे चॉट एट ८ /११ " - जो की वास्तविक जीवन में घटित “नोट बंदी” पर एक राजनीतिक-कटाक्ष है, आने वाली ९ मार्च २०१८ को रिजील होने जा रही है .
हम सभी को हमारे आदरणीय प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गयी “नोट-बंदी” जैसी तकलीफदेय नीति अच्छे से याद हैं! यह कदम इतनी तेजी से और अचानक में लिया गया की जिसके चलते पूरे देश में अशांति फ़ैल गई! बैंक और ए टी एम के बाहर लंबी कतारे और पैसे की कमी से जनजीवन अस्त-वस्त हो गया.
इमरान अहमद खान मानते हैं कि “नोट-बंदी” पर अभी भी बहुत व्यापक बहस और चर्चा की आवश्यकता है और अपनी फिल्म के जरिये वह इसकी शुरुवात करने जा रहे हैं! उन्होंने कहा, “नोट-बंदी के बारे में बहुत ज्यादा शोर-शराबा और चीखना चिल्लाना हो रहा हैं, लेकिन कोई असली मुद्दे की बात नहीं कर रहा की कैसे इस कदम ने सभी की जिंदगी बदल डाली, और इसके पीछे असली कारण क्या था? एक मध्यम वर्ग का आदमी जो कार के लिए पैसा बचा रहा था, कॉलेज की फ़ीस इकटठी कर रहा था या दहेज़ के लिए पैसे जुटा रहा था, वो तो बिलकुल बर्बाद हो गया, और हमारे राजनेता टीवी और न्यूज़ में एक दुसरे पर दोष लगाते रह गए”
“मेरी फिल्म, इस अचानक में लिए गए कदम के चलते क्या बदलाव हुए, इसके बारे में बात करती हैं! मेरी फिल्म इस राजनैतिक कदम की पीछे की असलियत सामने लाती हैं! यह एक पारिवारिक मनोरंजन और सामाजिक व्यंग्य फिल्म है, जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करेगी की क्या उन्हें बेकार की चीजो पर पैसे खर्च करने चाहिए या नहीं”
फिल्म को पंकज तिवारी ने लिखा हैं. क्रियेटिव कृष्णा एंटरटेनमेंट और उमर जी एंटरटेनमेंट के बैनर तले बनी इस फिल्म को प्रोड्यस किया है बाला शर्मा, ज्योति शर्मा और मुदित जैन ने और निर्देशक है इमरान अहमद खान
फिल्म की कहानी प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जारी “नोट बंदी” के बारे में बात करती हैं।
प्रधान मंत्री की आवाज़ सुखद और आश्वस्त होनी चाहिए लेकिन आम आदमी “मित्रो” का नाम सुनते ही डरने लगा हैं!
नीरू तोची रैना ने फिल्म का संगीत दिया हैं. फिल्म को एडमेंट पिक्चर्स डिस्ट्रीब्यूट करेगी और फिल्म 9 मार्च 2018 को रिलीज होगी!