नई दिल्ली - चीन में शेयर बाजार की उठापटक से आशंकित निवेशकों की घरेलू स्तर पर भेल, अदानी पोट्र्स, विप्रो और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसी दिग्गज कंपनियों में भारी बिकवाली के दबाव में शेयर बाजार करीब आधी फीसदी की गिरावट लेकर डेढ़ साल से अधिक के निचले स्तर पर बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 106.29 अंक यानी 0.44 फीसदी लुढ़ककर 02 जून 2014 के बाद के निचले स्तर 24825.04 अंक और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 37.50 अंक यानी 0.49 फीसदी टूटकर 7500 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे 7563.85 अंक पर रहा।
सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र की देश की सबसे बड़ी कंपनी टाटा केंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के कल जारी होने वाले तिमाही परिणाम से पहले निवेशकों की धारणा कमजोर होने से आईटी और टेक समूह में 10 फीसदी गिरावट और हेल्थकेयर समूह के 1.37 फीसदी लुढ़कने से बाजार पर दबाव बना है।चीन के बाजार में बीते सप्ताह हुयी उथल-पुथल के मद्देनजर वहां की सरकार के अपनी अर्थव्यवस्था का मजबूत प्रबंधन करने को लेकर निवेशक आशंकित हैं। इससे उनकी बिकवाली के कारण केवल शंघाई कंपोजिट के 5 फीसदी से अधिक लुढ़कने का दबाव एशिया के अन्य बाजारों पर भी देखा गया।