नई दिल्ली - मौमस में पिछले एक सप्ताह से आ रही तब्दीली का असर अस्पतालों में नजर आने लगा है। चिकित्सकों के अनुसार पारा गिरने के साथ ही दिल के मरीजों की दिक्कतें बढ़ने लगीं हैं। यही वजह है कि अस्पतालों में हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मरीजों की संख्या बढ़कर दोगुनी हो गई है। इनमें से ज्यादातर मरीज 50 से ज्यादा उम्र के हैं। चिकित्सकों के अनुसार आमतौर पर यहां प्रतिदिन दो से तीन ऐसे मरीज पहुंचते हैं, लेकिन अब इनकी संख्या बढ़कर 4-5 प्रतिदिन हो गई है। इसी प्रकार ब्लड प्रेशर के मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
डायबिटीज के मरीज रहें सावधान: डॉक्टर का कहना है कि इस मौमस में डायबिटीज के मरीजों को विशेष सावधानी बरतना चाहिए। उन्हें कुछ भी असामान्य लगने पर तुरंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार अटैक आने पर बिना देर किए मरीज को अस्पताल लेकर जाना चाहिए। अक्सर देखा गया है कि मरीज को अस्पताल तक आने में ही एक से डेढ़ घंटे का समय लग जाता है, जिसके चलते मरीज की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।
न्यूरोलॉजिस्ट बताते हैं कि ठंड में ब्लड प्रेशर बढ़ जाता है। अचानक बीपी बढ़ने पर ब्रेन हेमरेज का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे में कई बार किडनी भी फेल हो सकती है या फिर मरीज को पैरालिसिस भी हो सकता है, इसलिए इस दौरान लोगों को बहुत सावधान रहना चाहिए। सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्मी देने के लिए नसें सिकुड़ने लगती हैं, जिससे ब्लड सर्कुलेशन कम हो जाता है और पर्याप्त मात्रा में आक्सीजन नहीं मिल पाने के कारण हार्ट को आम दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। ऐसे में अगर तापमान में तेजी से उतार-चढ़ाव आता है, तो मरीज की परेशानी बढ़ जाती है।