मुंबई - देश के आर्थिक परिदृश्य को स्थिर रखते हुए वैश्विक रेटिंग एजेंसी फिच ने सोमवार को मौजूदा वित्तवर्ष में विकास दर 7.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया, लेकिन साथ ही चेतावनी भी दी कि आर्थिक माहौल में सुधार के बाद भी इसमें कमजोरी बनी रहेगी। वित्तवर्ष 2016-17 के लिए फिच ने आठ फीसदी विकास दर का अनुमान जताया।
एजेंसी ने कहा कि बीबीबी नकारात्मक रेटिंग स्थिर परिदृश्य और मध्यावधि में विकास की प्रबल संभावना तथा अनुकूल बाहरी वित्तीयन उच्च सरकारी कर्ज, कमजोर संरचना तथा कठिन लेकिन सुधरते कारोबारी माहौल को संतुलित करेंगे। फिच ने कहा, संरचनागत सुधार को बेहतर संकेतक और उच्च विकास दर में बदलना वास्तविक कार्यान्वयन पर निर्भर करता है। फिच ने कहा कि सरकार संरचनागत सुधार के पथ पर भले ही आगे बढ रही है, लेकिन उसे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) जैसे बडे सुधार करने में राज्यसभा में दिक्कतों का सामना करना पड रहा है।