नयी दिल्ली - भारत में रेलवे सुविधाओं को उन्नत और बेहतर बनाने के लिये अगले पांच साल के दौरान 95 अरब डॉलर (6.34 लाख करोड़ रुपये) राशि का निवेश किया जा सकता है। इससे भारत की विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ सकती है। एक रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।
विदेशी ब्रोकिंग कंपनी मोर्गन स्टेनले की शोध इकाई ने अपनी हाल की रिपोर्ट में कहा है कि भारतीय रेलवे हाल के वर्षों में कम निवेश और कमजोर नीतियों का शिकार रही है।रिपोर्ट तैयार करने वाले मोर्गन स्टेनले शोध इकाई के औद्योगिक विश्लेषक का मानना है कि रेलवे में पुराने समय से ही डिलीवरी की कमियां रहीं जिससे संशय बना रहता था लेकिन इस बार इसमें बदलाव आ सकता है।