नई दिल्ली - भारत में आभूषणों की खपत सितंबर में समाप्त तिमाही के दौरान सालाना आधार पर 5 फीसदी बढ़कर अनुमानित 193 टन रही, जो मार्च 2011 में समाप्त तिमाही के बाद सबसे अधिक है। जीएफएमएस सर्वेक्षण के मुताबिक सितंबर तिमाही में मांग 2008 से लेकर अब तक की सबसे अधिक रही, जबकि देश में सकल आधिकारिक आयात 263 टन रहा, जो सालाना आधार पर 23 फीसदी अधिक है। उसने कहा है कि अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ाए जाने की चर्चाओं से सोने की कीमतें 1,100 डॉलर प्रति औंस तक गिर सकती हैं।
सर्वेक्षण में कहा गया, 'खुदरा निवेश सालाना आधार पर 30 फीसदी बढ़कर 55 टन रहा, जो वर्ष 2013 की चौथी तिमाही के बाद सबसे अधिक है।' आलोच्य तिमाही के दौरान मांग बढऩे की मुख्य वजह घरेलू कीमतों में गिरावट को बताया जा रहा है। घरेलू कीमतें अगस्त 2011 के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गई हैं। भारत में कीमतें गिरकर 25,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक आ गई थीं। जीएफएमएस ने कहा कि तिमाही के दौरान खपत में बढ़ोतरी की एक वजह यह भी थी कि पुराने आभूषणों को नए में बदलवाने की दर में भारी गिरावट आई है। विदेशों में रहने वाले लोगों के देश में पैसा भेजने का भी मांग पर असर पड़ा है क्योंकि रुपया 63.35 से गिरकर 67 प्रति डॉलर पर आ गया है।