नई दिल्ली - राजधानी के फिरोजशाह कोटला मैदान पर शनिवार को रणजी मैच के दौरान दिल्ली और बंगाल के कप्तानों गौतम गंभीर और मनोज तिवारी के बीच हुई तीखी नोंकझोक के बाद मैच रेफरी ने दोनों क्रिकेटरों पर जुर्माना लगाया है। बंगाल टीम के मैनेजर समीरदास गुप्ता ने रविवार को बताया कि मैच रेफरी वाल्मीकि बुच ने दिल्ली के कप्तान गौतम गंभीर पर मैच फीस का 70 प्रतिशत जबकि बंगाल के कप्तान मनोज तिवारी पर मैच फीस का 40 प्रतिशत जुर्माना ठोंका है।
उन्होंने कहा कि अब मामले की आगे सुनवाई नहीं होगी और दोनों टीमों पर मैच प्रतिबंध भी नहीं लगाया जाएगा। गुप्ता ने कहा कि मनोज तिवारी अब मैच रेफरी के सामने व्यक्तिगत रुप से पेश नहीं होंगे। गंभीर ने एक बयान जारी कर कहा कि तथ्यात्मक रुप से यह पूरी तरह से गलत है। उन्होंने कहा कि मैंने किसी भी मैदानी अंपायर को धक्का नहीं दिया और न ही मनोज से झगड़ा करने की बात कही। वहीं दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान पर शनिवार को दिल्ली-बंगाल के रणजी ट्राफी मुकाबले के दौरान गौतम गंभीर और मनोज तिवारी में जबरदस्त भिड़ंत के लिए पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को दोषी ठहराया है।
बेदी ने कहा कि आईपीएल का सीधा नतीजा है, क्योंकि प्रतिस्पर्धी बर्ताव की वजह से टूर्नामेंट इन जैसे पेशेवर खिलाडिय़ों के लिए इस स्तर पर पहुंच गया है। बेदी ने कहा कि मुझे बुरा लगा। मैंने टीवी रिपोर्ट देखी और यह बहुत शर्मनाक है। यह सब इसलिए हुआ क्योंकि विदेशी खिलाडिय़ों को वापस जवाब देने की आदत बनती रही है।