इंदौर - भारतीय क्रिकेट टीम के सफल कप्तान महेंद्र सिंह धोनी फिलहाल करियर के सबसे मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं जहां वह सबसे अधिक सवालों के घेरे में हैं और ऐसे में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज का बुधवार को यहां खेले जाने वाला दूसरा वनडे मेजबान टीम और कप्तान दोनों के लिए साख का सवाल बन गया है। कानपुर वनडे में नजदीकी मुकाबले में पांच रन से शिकस्त झेलने के बाद से ही टीम इंडिया दबाव में है और सबसे अधिक सवाल कप्तान धोनी पर उठ रहे हैं जो बेहतरीन फिनिशर माने जाते हैं, लेकिन पिछले मैच में टीम को जीत की मंजिल तक नहीं ले जा सके।
पिछला मैच हारने से भारत सीरीज में 0-1 से पिछड़ चुका है और इंदौर में उसके पास वापसी का बेहतरीन मौका होगा। निजी तौर पर धोनी के लिए इस मैच में जीत अब साख का सवाल बन गई है, क्योंकि उनके आलोचकों का मानना है कि धोनी में अब पहले जैसी बात नहीं रही है। हालांकि अकेले धोनी ही नहीं टीम के धुरंधर खिलाडिय़ों ने भी पिछले मैच में निराश किया है। विराट कोहली उपकप्तान हैं और स्टार बल्लेबाज भी, लेकिन ऐसा लग रहा है कि धोनी के नेतृत्व में वह खेलने के ही मूड में नहीं है, विराट ने पिछले वनडे मैच में जहां केवल 11 रन ही बनाए तो ट््वेंटी-20 सीरीज में उन्होंने कुल 44 रन बनाए थे।
वर्ष 2008 में अपना वनडे करियर शुरू करने वाले विराट ने इस साल आश्चर्यजनक रूप से वनडे मैचों में निराशाजनक प्रदर्शन किया है। विराट वर्ष 2015 में 16 मैचों में 29.92 के बेहद खराब औसत से केवल 389 रन बना पाए हैं जिसमें एक शतक शामिल है। यह शतक उन्होंने विश्वकप में पाकिस्तान के खिलाफ भारत के पहले मुकाबले में एडिलेड में बनाया था। एडिलेड के उस 107 रन से पहले के चार मैचों और उसके बाद के 12 मैचों में विराट ने एक भी अर्द्धशतक नहीं बनाया है और ऐसे में उनकी यह खराब फार्म भी टीम के लिए बोझ की तरह है।