मुबंई - साल 2008 में देश की राजधानी से सटे नोएडा के बहुचर्चित आरुषि - हेमराज डबल मर्डर हुआ। इस हत्याकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। ऐसा तब हुआ जब दो साल पहले देश की जांच एजेंसी सीबीआई ने इस केस एक-दो बार नहीं, बल्कि कई बार जांच कर पूरे मामले गहराई से जांच की, लेकिन कोई निर्णय नहीं निकल पाया। इस हत्याकांड में हैरानी तब होती है ऐसी हत्या सिर्फ चार लोगों के आस-पास टिकी है। आरुषि हत्याकांड पर आधारित निर्देशिका मेघना गुलजार तलवार से लंबे समय बाद वापसी कर रही हैं।
मेघना की तलवार एक बेहतरीन फिल्म है। इस फिल्म में आरुषि तलवार के माता-पिता को उसकी हत्या का दोषी ठहराए हुए लगभग दो साल हो चुके हैं, लेकिन इस सनसनीखेज मामले के कई पहलू अभी भी सामने नहीं आ सके। मेघना गुलजार की फिल्म तलवार उन अनसुलझे सवालों को एक बार फिर सबके सामने रखती है। फिल्म ने इस काम को बखूबी अंजाम दिया है। फिल्म तलवार शोध और अदालती कार्यवाही से मिली जानकारी के आधार पर अनसुलझे सवालों को उठाती है।