नागपुर - दुनिया के 200 उच्च शिक्षण संस्थानों में पहली बार दो भारतीय संस्थानों को भी शामिल किया गया है। क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में इंडियन इंस्टीच्यूट ऑफ साइंस (आईआईएस), बंगलूर तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), दिल्ली टॉप 200 संस्थानों में शामिल हैं। आईआईएस बंगलूर और आईआईटी दिल्ली को क्रमश: 147वां एवं 179वां रैंक प्राप्त हुआ है, जबकि आईआईटी बंबई 202वीं रैंकिंग के साथ दो पायदान पीछे रह गया है। राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने इस पर खुशी जताते हुए मंगलवार को कहा कि उनके तोते की तरह रटते रहने का फायदा दिखने लगा है।
पिछले तीन वर्ष से मैं राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मेलनों, दीक्षांत और अन्य समारोहों में तोते की तरह बार-बार यह कहता रहता था कि दुनिया के 200 उच्च शिक्षण संस्थानों में भारत का एक भी संस्थान शामिल नहीं है। राष्ट्रपति ने कहा कि संस्थानों को उच्च रैंकिंग मिलने से न केवल शैक्षणिक समुदाय का मनोबल ऊंचा होता है, बल्कि इससे उन संस्थानों के विद्यार्थियों के विकास एवं रोजगार के नए द्वार भी खुलते हैं। संस्था के तौर पर यदि आईआईटी संस्थानों का आकलन करें तो दुनिया में ये 61वें स्थान पर हैं, जबकि उद्यमिता के मामले में अंडर ग्रेजुएट विश्वविद्यालयों में एक इकाई के रूप में ये स्टैंडफॉर्ड, यूसी बर्कले और एमआईटी के बाद चौथे पायदान पर हैं।