नई दिल्ली - बिजली, यात्री कारों, रत्न एवं आभूषण, रबड़ इंसूलेशन वाले केबल और परिधानों के उत्पादन में तेज बढ़ोतरी के बल पर जुलाई में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक पिछले साल जुलाई की तुलना में 4.2 प्रतिशत बढ़ गया। लगातार दूसरे महीने में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जून में उत्पादन 4.36 फीसदी बढ़ा था।
सरकार के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार मौजूदा वित्त वर्ष में जुलाई तक की समेकित आईआईपी की वृद्धि दर इससे पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 3.5 प्रतिशत रही है। जुलाई में खनन में 1.3 प्रतिशत, विनिर्माण में 4.7 प्रतिशत और बिजली क्षेत्र के उत्पादन में 3.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष में समेकित आधार पर खनन 0.6 प्रतिशत, विनिर्माण 4.0 प्रतिशत और बिजली उत्पादन की वृद्धि 2.6 प्रतिशत रही है। जुलाई 2015 के दौरान आईआईपी में शामिल 22 उद्योग क्षेत्रों में से 12 में वृद्धि देखी गई है। फर्नीचर एवं विनिर्माण में सर्वाधिक 69.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है और परिधान में वृद्धि 21.7 प्रतिशत रही है।
बिजली मशीनरी और उपकरण के उत्पादन में जुलाई 2015 में वृद्धि दर 20.9 प्रतिशत दर्ज की गई है। हालांकि कार्यालय में इस्तेमाल होने वाले सामानों एवं कम्प्यूटर क्षेत्र में 14.8 प्रतिशत, खाद्य उत्पाद एवं पेयजल में 12.1 प्रतिशत और प्रकाशन, प्रिटिंग और रिकाडेड माध्यमों के पुनरोत्पादन में 9.5 प्रतिशत की गिरावट आई है। आंकडों में कहा गया है कि जुलाई 2015 में जुलाई 2014 की तुलना में प्राथमिक वस्तुओं के उत्पादन में 5.2 प्रतिशत की तेजी आई है। भारी वस्तु में 10.6 प्रतिशत और गौण वस्तुओं के उत्पादन में 1.5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन की वृद्धि दर 11.4 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के उत्पादन में 4.6 प्रतिशत की कमी आई है।