नई दिल्ली - प्याज के रुलाने और आम आदमी की थाली से दाल के गायब होने के बाद सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी एमएमटीसी को जल्द से जल्द आयातित दाल की खेप देश में लाने को कहा है। एमएमटीसी ने सरकार को 10 हजार टन दालों का आयात शीघ्र करने का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, केंद्र ने राज्यों को अपने आउटलेट के माध्यम आम लोगों को दालें उपलब्ध कराने के लिए सभी तैयारियां पूरी करने को कहा है।
खुले बाजार में अरहर की दाल की कीमत 140 से 150 रुपए प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई है। दक्षिण के कुछ राज्यों में इसकी कीमत 155 से 160 रुपए तक पहुंच गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 5000 टन अरहर और 5000 टन उड़द दाल के आयात का आदेश दिया गया है, जिसके जल्द देश में आने की आशा है। इसके बाद दालों की कीमतों में कुछ कमी आने की उम्मीद है। सरकार ने दालों की कीमत नियंत्रित करने के लिए पहले ही इसकी भंडारण क्षमता निर्धारित कर दी है। राज्यों को दालों की जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम के प्रावधानों का उपयोग करने की सलाह दी गई है ।
अरहर और उड़द दाल के वायदा कारोबार को पहले ही स्थगित कर दिया गया है। दालों के निर्यात को प्रतिबंधित कर दिया गया है और इसके आयात पर शुल्क शून्य कर दिया गया है। इसके अलावा दालों को मूल्य स्थिरीकरण योजना में शामिल कर लिया गया है। दालों की कीमतों पर नजर रखने के लिए अंतर मंत्रालय समिति का गठन किया गया है, जिसमें उपभोक्ता मामलों वाणिज्य, खाद्य, कृषि और राजस्व विभाग के अधिकारियों को शामिल किया गया है।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने प्याज की कीमतों पर नियंत्रण के लिए एक हजार टन प्याज के आयात का आदेश दिया है, इससे पहले दो हजार टन प्याज के आयात के आदेश दिए गए थे। खुले बाजार में प्याज की कीमत 50 से 60 रुपए प्रति किलो है, जबकि मदर डेयरी की सफल बूथ पर यह इससे काफी कम मूल्य पर उपलब्ध है।