नई दिल्ली 6 मार्च: अगर आपकी आय सालाना पांच लाख रुपये से ज्यादा है तो आपको आयकर रिटर्न इलेक्ट्रॉनिक माध्यम (ई-फाइलिंग) से जमा करना होगा. अभी तक ई-फाइलिंग सिर्फ 10 लाख रुपये से ज्यादा आय पर अनिवार्य थी.
बजट में वित्त मंत्री ने ई-फाइलिंग के दायरे को बढ़ाने का ऐलान किया था, लेकिन इसमें कौन-सी नई श्रेणियां जुड़ेंगी, इसका उल्लेख बजट में नहीं था.
जिनकी टैक्सेबल इनकम पांच लाख रुपये से ज्यादा है, उनके लिए ई-फाइलिंग जरूरी बनाया जाएगा. इसके जरिए तकनीक का इस्तेमाल करके टैक्सपेयर्स और असेसिंग ऑफिसर के बीच सीधे संपर्क को कम किया जाएगा. उन्हें आयकर दफ्तरों में जाकर रिटर्न फाइल नहीं करना होगा. सक्सेना ने बताया कि सरकार इसी साल से वेल्थ टैक्स के रिटर्न के लिए भी ई-फाइलिंग अनिवार्य बनाने जा रही है. सरकार का मकसद लोगों की संपत्ति का सही तरीके से आकलन करना है ताकि वेल्थ टैक्स कलेक्शन बढ़ाया जा सके.
रेवेन्यू सेक्रेटरी सुमति बोस ने बताया, 'टैक्स डिपार्टमेंट टैक्स बेस को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. रिटर्न फाइल नहीं करने वाले पैन होल्डर्स को टारगेट किया जा रहा है. डिपार्टमेंट ऐसे 35,000 टैक्सपेयर्स को नोटिस भेज चुका है. वह और 35,000 ऐसे लोगों को नोटिस भेज रहा है. फाइनैंस बिल 2013 में एक प्रोविजन है, जिसमें वेल्थ टैक्स रिटर्न के लिए ई-फाइलिंग की बात कही गई है.' रेवेन्यू डिपार्टमेंट ने उस सख्त प्रोविजन को भी सही बताया है, जिसमें टैक्स चोरी रोकने के लिए सर्विस टैक्स डिफॉल्टर्स को अरेस्ट करने का प्रावधान शामिल है.