मुंबई - आर्थिक विकास को गति देने के उद्देश्य से महत्त्वाकांक्षी आर्थिक सुधार वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को पारित कराने के सरकार के एक और प्रयास से उत्साहित निवेशकों की मजबूत लिवाली की बदौलत मंगलवार को शेयर बाजार काले सोमवार के कोहराम से उबरकर एक प्रतिशत से अधिक की तेजी पर बंद हुआ। प्रधानमंत्री के अर्थवयवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से और आवश्यक कदम उठाए जाने के निर्देश से पिछले कारोबारी दिवस 1625 अंक तक लुढक़ा बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 290.82 अंक अर्थात 1.13 प्रतिशत की छलांग लगाकर 26 हजार अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 26032.38 अंक पर रहा।
इसी तरह पिछले दिवस 491 अंक तक टूटा नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 71.70 अंक यानी 0.92 प्रतिशत की बढ़त के साथ 7800 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के ऊपर 7880.70 अंक पर बंद हुआ। संसदीय कार्यमंत्री एम वेंकैया नायडू ने जीएसटी से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक पर आम राय बनाने के लिए मंगलवार को सभी राजनीतिक दलों के साथ विचार-विमर्श किया। सरकार की जीएसटी को पारित कराने की एक और कोशिश से निवेशकों में खासा उत्साह देखा गया, जिससे सेंसेक्स और निफ्टी छलांग लगाने में सफल रहे। इसके अलावा सोमवार को श्री मोदी के शेयर बाजार और रुपए की भारी गिरावट की समीक्षा के बाद अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के उद्देश्य से और आवश्यक कदम उठाने के निर्देश के साथ ही रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन के बाजार की गिरावट को थामने और निवेशकों का भरोसा बढ़ाने के लिए जरूरत पडऩे पर विदेशी मुद्रा भंडार के इस्तेमाल किये जाने के बयान से भी निवेशकों की निवेशधारण मजबूत रही।
इस दौरान आईटी समूह की 0.48 प्रतिशत की गिरावट को छोडक़र बीएसई के शेष 12 समूहों में तेजी दर्ज की गई। टेक, कैपिटल गुड्स, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, एफएमसीजी, पावर, हैल्थकेयर, ऑटो, बैंकिंग, पीएसयू, तेल एवं गैस, धातु और रियल्टी समूह के शेयर 0.03 से 6.78 प्रतिशत तक उछल गए। बैंकों तथा निर्यातकों की डालर बिकवाली के दम पर दो साल के निचले स्तर से मजबूत वापसी करते हुए अंतरबैंकिंग मुद्रा बाजार में मंगलवार को रुपया 55 पैसे की तेजी के साथ 66.10 रुपए प्रति डालर पर पहुंच गया। पिछले दिवस पर 82 पैसे टूटकर यह 04 सितंबर 2013 के बाद के निचले स्तर 66.65 रुपए प्रति डालर पर बंद हुआ था।