मुंबई - शेयर बाजार के लिए सोमवार का दिन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा। शाम को क्लोजिंग बेल होने तक सेंसेक्स 1625 अंक की गिरावट के साथ 25,724 के स्तर पर बंद हुआ। जबकि निफ्टी 491 अंक की गिरावट के साथ 7,809 पर बंद हुआ। वहीं चीन का बाजार आठ फीसदी टूट कर बंद हुआ। जबकि जापान, ताइवान और हांगकांग के बाजारों में पांच फीसदी तक की गिरावट देखी गई। इसी बीच वित्त मंत्री अरुण जेटली ने घरेलू शेयर बाजार में आज आयी भारी गिरावट के लिये वैश्विक बाजारों में उथल-पुथल को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकार तथा रिजर्व बैंक स्थिति पर नजर रखे हुए हैं तथा उम्मीद है कि वर्तमान अस्थायी स्थिति का प्रभाव खत्म होते ही बाजार में स्थिरता आ जाएगी।
जेटली ने कहा, 'पिछले कुछ दिन से वैश्विक बाजार में बहुत अधिक उठा-पटक देखने को मिल है। स्पष्ट रूप से इस उठा-पटक का भारतीय बाजार पर भी प्रभाव पडा। इसके कारक, पूरी तरह बाहरी हैं।' उन्होंने कहा कि एक भी ऐसा घरेलू कारक नहीं है जिससे बाजार में गिरावट हो या उससे गिरावट में इजाफा हो। कारण बाहरी हैं। मुझे तनिक भी संदेह नहीं है कि उठा-पटक की ये परिस्थितियां अस्थायी हैं। बाजार में स्थिरता लौटेगी, ' जेटली ने यहां एक कार्यक्रम के दौरान अलग से संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सरकार तथा रिजर्व बैंक स्थिति पर निगाह रखे हुए हैं। उन्होंने वैश्विक गतिविधियों के प्रभाव से निपटने के लिये अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की जरुरत को रेखांकित किया। सोमवार के दिन शेयरमार्केट निवेशकों को करीब सात लाख करोड़ रूपए से ज्यादा नुकसान हुआ है।