मुंबई - अपनी कलम से बॉलिवुड के गीतों को अमर करने वाले गुलजार साहब आज मंगलवार को 81 वर्ष के हो गए हैं। गुलजार का जन्म पाकिस्तान के झेलम जिले के दीना गांव में 18 अगस्त 1934 को हुआ था। उनके बचपन का नाम संपूरण सिंह कालरा था। गुलजार के फिल्मी करियर की शुरूआत वर्ष 1963 में आयी फिल्म बंदिनी से हुई। तब से लेकर अब तक गुलजार ने बॉलिवुड को एक से बढकर एक गीत दे रहे हैं। गुजलार ने हर मूड के गीतों को जन्म दिया है। हाल ही में उन्होनें पिछले साल आइ फिल्म हैदर के गाने लिखे हैं। पुरानी पीढी से लेकर नई पीढी तक के श्रोता गुलजार के गीतों के दीवाने हैं। गुलजार ने फिल्मों के लिए संवाद और पटकथाएं भी लिखीं हैं तो फिल्मों का निर्देशन भी किया है। गुलजार ने अब तक 5 नेशनल फिल्म पुरस्कार और 20 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत हैं। साथ ही साल 2008 में गुलजार को ऑस्कर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
गुलजार को पद्मभूषण से भी नवाजा गया है। गुलजार ने राखी के साथ शादी की थी लेकिन वैवाहिक जीवन में कटुता के चलते दोनों साथ नहीं रहते। उनके एक बेटी है मेघना गुलजार। गुलजार ने मुंबई में गैराज मैकेनिक का काम भी किया है। शुरू में जब गुलजार जब मुंबई आए तो रोजी रोटी के लिए मैकेनिक का काम किया था। इसके बाद डॉयरेक्टर बिमल रॉय से मुलाकात के बाद उनके असिस्टेंट के तौर पर काम किया। फिल्मों के अलावा गुलजार एक अच्छे टेनिस प्लेयर भी हैं। वे रोज सुबह फिल्म मेकर विशाल भारद्वाज के साथ टेनिस खेलने जाते हैं।