नई दिल्ली- आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब की को-ओनर प्रिटी जिंटा को शक है कि उनके कुछ खिलाड़ी मैच हारने से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों में शामिल थे। जिंटा ने इस महीने बीसीसीआई अफसरों के साथ हुई मीटिंग में यह बात कबूली है। रिपोर्ट में मुताबिक, प्रिटी जिंटा और आईपीएल वर्किंग ग्रुप की मीटिंग आठ अगस्त को हुई थी। इसमें जिंटा ने अधिकारियों को बताया कि उन्होंने इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों को बेहद करीब से महसूस किया था। वह इसके खिलाफ बोलना चाहती थीं, लेकिन उनके पास कोई ठोस सबूत नहीं था। जिंटा के मुताबिक, उन्हें कुछ मौकों पर ऐसा महसूस हुआ कि उनकी टीम से जुड़े कुछ मैचों के नतीजे पहले से ही तय थे।
प्रिटी ने अधिकारियों से बताया कि उन्हें इन संदिग्ध गतिविधियों का पता उस वक्त चला जब लोग किसी मैच के नतीजे के बारे में काफी पहले ही सही-सही अंदाजा लगाने लगे। जिंटा ने कहा कि वह मनोविज्ञान की स्टूडेंट रही हैं और वह खिलाडिय़ों की बॉडी लैंग्वेज और दिमाग को पढ़ सकती हैं। जिंटा के मुताबिक, उन्होंने उन खिलाडय़िों की खिंचाई की, जो उनके मुताबिक ईमानदारी से नहीं खेल रहे थे। उन्हें ड्रॉप किया गया और वापस से नीलामी के लिए उनके नाम तक भेजे गए। सूत्रों के मुताबिक, प्रिटी जिंटा की एक खिलाड़ी से इस मामले पर गर्मागर्म बहस भी हुई।
बाद में उन्होंने दूसरी फ्रेंचाइजियों को उन प्लेयर्स का नाम बताया, जिन पर उन्हें शक था। बीसीसीआई ने 21 जुलाई को यह ग्रुप बनाया था। इसका मकसद आईपीएल में भ्रष्टाचार को लेकर जस्टिस लोढ़ा के फैसले के मुताबिक आईपीएल 9 का रोडमैप तैयार करना था। बता दें कि जस्टिस लोढ़ा की कमेटी की रिपोर्ट में चेन्नई सुपर किंग्स और राजस्थान रॉयल्स पर दो साल का बैन लगाने का आदेश दिया गया था।