जकार्ता - भारतीय बैडमिंटन स्टार सायना नेहवाल ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी होने का इतिहास तो रच दिया, लेकिन उनका विश्व चैंपियन बनने का सपना रविवार को विश्व की नंबर एक खिलाड़ी स्पेन की कैरोलिना मारिन के हाथों पराजय के साथ टूट गया। विश्व चैंपियनशिप के फाइनल में पहली बार पहुंची दूसरी सीड सायना को टॉप सीड मारिन ने 59 मिनट तक चले मुकाबले में 21-16, 21-19 से हराकर अपना खिताब बरकरार रखा। सायना को इस हार के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा, जो विश्व चैंपियनशिप में छह मौकों पर उनका पहला पदक है।
मारिन के साथ ही चीन के विश्व के नंबर एक खिलाड़ी चेन लोंग ने भी अपना खिताब बरकरार रखा। चेन लोंग ने पूर्व नंबर एक मलेशिया के ली चोंग वेई को 65 मिनट में 21-14, 21-17 से परास्त किया। चेन ने गत वर्ष भी कोपेनहेगन में मलेशियाई खिलाड़ी को फाइनल में हराया था। सायना के पास पहली भारतीय विश्व चैंपियन बनने का शानदार मौका था, लेकिन मारिन ने एक बार फिर उनकी उम्मीदों को तोड़ दिया। भारतीय खिलाड़ी को जरूर निराशा हाथ लगी, लेकिन उन्होंने विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली पहली भारतीय होने का इतिहास रच दिया। वहीं, इस सिल्वर मेडल की जीत के साथ सायना को देश भर से बधाइयां मिल रही है।