मुंबई - साल की दूसरी तिमाही में ग्रामीण मांग कमजोर रहने से देश में सोने की मांग 25 प्रतिशत घटकर 154.5 टन पर आ गई। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल से जून की तिमाही में दुनिया भर में सोने की मांग में 12 प्रतिशत की कमी आई और यह 2014 की दूसरी तिमाही के 1038 टन से घटकर छह साल के निचले स्तर 914.9 टन रह गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इसमें सबसे ज्यादा योगदान भारतीय मांग में गिरावट का है। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में कि आधे से ज्यादा मांग ग्रामीण इलाकों से आती है। असमय बारिश और ओला वृष्टि से रबी की फसल को हुए नुकसान के कारण ग्रामीण आय में कमी आई है।
उसने कहा कि यही कारण है कि देश में सोने की जेवराती मांग 23 प्रतिशत घटकर 118 टन रह गई। तिमाही के दौरान दुनिया के सबसे बड़े उपभोक्ता देश चीन में भी सोने की मांग तीन प्रतिशत गिरकर 216.5 टन पर रही। चीन में सोने की जेवराती मांग भी पांच प्रतिशत घटकर 174.4 टन रह गई। भारत और चीन में मांग में कमी आने से दुनिया भर में जेवराती मांग 14 प्रतिशत लुढक़कर 513.5 टन रही। परिषद ने बताया कि तिमाही के दौरान दुनिया के सबसे बड़े सर्राफा बाजार लंदन बुलियन मार्केट एसोसिएशन में सोने की कीमत सात प्रतिशत गिर गई। रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में दूसरी तिमाही में आम तौर तेज रहने वाली वैवाहिक मांग भी इस साल कम रही।