नई दिल्ली - सरकार ने आज कहा कि आर्थिक वृद्धि में सुधार तथा मुद्रास्फीति में नरमी से देश का वृहत आर्थिक परिदृश्य सुधरा है और उसे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में ब्याज दरें नीचे आएगी। संसद में मध्यावधिक व्यय व्यवस्था विवरण प्रस्तुत करते हुए वित्त मंत्री अरूण जेटली ने राजकोषीय घाटे में कमी लाने तथा सब्सिडी में सुधार को आगे बढ़ाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, 'वृहत आर्थिक परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुआ है, विशेषकर आर्थिक वृद्धि फिर से तेज हो रही है तथा मुद्रास्फीतिक रूझान दूर हुआ है।
सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर सुधरकर 2014-15 में 7.3 प्रतिशत पर पहुंच गई जो 2013-14 में 6.9 प्रतिशत थी। कीमत स्थिति के बारे में जेटली ने कहा कि थोक कीमत सूचकांक आधारित मुद्रास्फीति अप्रैल-जून 2015 में शून्य से 2.4 प्रतिशत नीचे रही। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आधारित खुदरा मुद्रास्फीति 2014-15 में घटकर 6.0 प्रतिशत पर आ गई जो 2013-14 में 9.5 प्रतिशत थी और औसतन अप्रैल-जून-2015 में 5.1 प्रतिशत थी। उन्होंने कहा, 'राजकोषीय घाटा नीचे आ रहा है और मुद्रास्फीतिक दबाव में कमी आई है और आने वाले वर्षों में ब्याज दर में कमी आने की उम्मीद है।