नयी दिल्ली 3 मार्च : भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर डी सुब्बाराव ने कहा है कि अर्थव्यवस्था के लिए 5-6 फीसदी की वृद्धि दर काफी नहीं है.
उन्होंने कहा कि यदि कुछ मुद्दों को सुलझा लिया जाये, तो हमारी अर्थव्यवस्था में 10 प्रतिशत से अधिक की दर से बढने की क्षमता है. आईआईटी कानपुर के दीक्षांत समारोह में सुब्बाराव ने कहा, यदि हम सही चीजें करते हैं, तो दो अंक की वृद्धि दर के रास्ते पर बढ सकते हैं.
वृद्धि की दीर्घावधि की चुनौतियों का जिक्र करते हुए सुब्बाराव ने कहा कि जरुरत एक टिकाऊ और अनुमान वाले वृहद आर्थिक वातावरण की है. साथ ही बुनियादी ढांचे के मोर्चे पर खामियां को दूर करना होगा, कौशल विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान देना होगा.
उन्होंने कहा कि इसके अलावा कृषि क्षेत्र की उत्पादकता बढाने की जरुरत है और साथ ही सामाजिक क्षेत्र में सुधार की आवश्यकता है. रिजर्व बैंक गवर्नर ने कहा, हम इस बात पर खुश हैं कि देश 5-6 फीसदी की दर से बढ रहा है. पर मैं आपको कहना चाहता हूं कि यह वृद्धि दर काफी नहीं है.
यह हमारी क्षमता से काफी कम है. यदि अगले दस साल तक हम 9 से 10 फीसद की वृद्धि दर हासिल नहीं करते, तो हम अपने करोडों लोगों को गरीबी से नहीं निकाल पायेंगे. सुब्बाराव ने कहा, भारत में दुनिया के सबसे अधिक गरीब रहते हैं. दक्षिण अफ्रीका की जितनी आबादी है, भारत में गरीबों की संख्या उससे कहीं ज्यादा है.