नई दिल्ली - अगले कुछ दिनों में केंद्र सरकार नेस्ले इंडिया को राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निपटारा आयोग (एनसीडीआरसी) में खींचने की तैयारी में है। सरकार नेस्ले से अनुचित व्यापार आचरण में कथित रूप से संलिप्त रहने और मैगी से संबंधित भ्रामक विज्ञापनों से हुए नुकसान की भरपाई करने की मांग करेगी। सूत्रों ने बताया कि हफ्तों तक इस पर विचार-विमर्श के बाद उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान ने उपभोक्ता मंच के पास जाने की मंजूरी दे दी, लेकिन उनके मंत्रालय ने अब तक उस हर्जाने की रकम तय नहीं की है जो सरकार नेस्ले से मांग करेगी।
अभी इस पर विचार-विमर्श ही हो रहा है। उपभोक्ता मामलों के विभाग के एक सेक्शन के तहत नुकसान की अनुमानित रकम 400 करोड़ रुपए से ज्यादा है, लेकिन असल रकम के बारे में तो औपचारिक रूप से मामला दाखिल होने के बाद ही पता चल पाएगा। मैगी के खिलाफ शिकायत अपने प्रकार की पहली शिकायत होगी, जिसमें उपभोक्ताओं की ओर से सरकार खुद उपभोक्ता मंच में मामले को लेकर जा रही है।