जकार्ता - सायना नेहवाल और किदांबी श्रीकांत की अगवाई में भारतीय बैडमिंटन खिलाडिय़ों को सोमवार से शुरू होने वाली विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में पदक जीतने का प्रबल दावेदार माना जा रहा है। यह पहला अवसर होगा, जबकि भारत के दो खिलाड़ी शीर्ष पांच में शामिल हैं। सायना अभी महिला एकल में दूसरे और श्रीकांत पुरुष एकल में तीसरे नंबर के खिलाड़ी है। ये दोनों चैंपियनशिप में भारत के सबसे बड़े दल की अगवाई भी करेंगे। युवा पीवी सिंधु पर भी निगाह रहेगी, जिन्होंने 2013 और 2014 में महिला एकल में कांस्य पदक जीते थे।
इससे पहले 2011 में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा ने महिला युगल में पदक जीतकर भारत को विश्व चैंपियनशिप में 28 साल बाद पहला पदक दिलाया था। वे भी गेलोरा बंग कार्नो स्टेडियम में होने वाले इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग लेंगी। ओलंपिक कांस्य पदक विजेता सायना अब तक विश्व चैंपियनशिप में पदक नहीं जीत पाई है। वह पांच अवसरों पर कभी क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं बढ़ पाई, जबकि श्रीकांत दूसरी बार चैंपियनशिप में हिस्सा ले रहे हैं। सायना और सिंधु को पहले दौर में बाई मिली है।