कोलंबो - भारतीय क्रिकेट टीम 22 साल बाद श्रीलंका की जमीन पर टेस्ट सीरीज जीतने के लिए बेताब है और युवा कप्तान विराट कोहली के नेतृत्व में लगभग संपूर्ण नई और कम अनुभवी टीम गुरुवार से श्रीलंका बोर्ड अध्यक्ष एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच में अपनी तैयारियां परखने उतरेगी। पहली बार पूर्ण टेस्ट सीरीज में कप्तानी संभाल रहे रहे विराट के नेतृत्व में टीम इंडिया श्रीलंका में 22 साल के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट सीरीज में जीत हासिल करने के लक्ष्य के साथ उतरी है। भारत जैसी मजबूत टीम के लिए यह लक्ष्य इसलिए मुश्किल कहा जा सकता है, क्योंकि टीम पूरी तरह से नई और गैर अनुभवी है, जिसमें शामिल 10 खिलाड़ी पहली बार श्रीलंका में टेस्ट खेलने उतर रहे हैं।
भारतीय टीम इस सीरीज को लेकर कितनी गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि श्रीलंका में पहुंचने के 24 घंटे बाद ही उसने अपना अभ्यास शुरू कर दिया। विराट के साथ इंडोर स्टेडियम में शिखर धवन, मुरली विजय, रोहित शर्मा, अजिंक्या रहाणे सभी ने नेट पर काफी देर बल्लेबाजी का अभ्यास भी किया। टीम के लिए श्रीलंका बोर्ड एकादश के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मुख्य सीरीज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि टीम बहुत अधिक अभ्यास के साथ श्रीलंका नहीं पहुंची है। पुजारा, लोकेश राहुल, चार साल बाद टीम में शामिल किए गए अमित मिश्रा ने भारत-ए टीम की ओर से आस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ जरूर गैर आधिकारिक टेस्ट सीरीज में खेला है, लेकिन बाकी खिलाडिय़ों की तैयारी कुछ खास नहीं है। विराट ने भारत-ए के दूसरे मैच में जरूर खेला था, लेकिन उस मैच में वह कोई कमाल नहीं कर सके थे।
विराट का श्रीलंका का यह पहला टेस्ट दौरा है और उनके लिए यहां दोहरी जिम्मेदारी भी है। ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह, लेग स्पिनर अमित मिश्रा, विकेटकीपर रिद्धिमान साहा, तेज गेंदबाज इशांत शर्मा और ओपनर मुरली विजय 2010 में पिछले श्रीलंकाई टेस्ट दौरे की भारतीय टीम के सदस्य थे, लेकिन मौजूदा टीम के 10 खिलाडिय़ों के लिए यह पहला श्रीलंका टेस्ट दौरा है। कप्तान विराट, रविचंद्रन अश्विन, अजिंक्या रहाणे, रोहित शर्मा, उमेश यादव, वरुण आरोन, शिखर धवन, भुवनेश्वर कुमार, पुजारा और लोकेश राहुल श्रीलंका में पहली बार टेस्ट के लिए उतर रहे हैं और उनकी पूरी कोशिश रहेगी कि अपने शानदार प्रदर्शन से टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभा सकें।