नई दिल्ली - अंतरराष्ट्रीय बाजार में जुलाई महीने में कच्चे तेल की कीमत में 20.8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, लेकिन देश में ग्राहकों के लिए पेट्रोल मात्र 7.26 फीसदी तथा डीजल 11.49 फीसदी सस्ता हुआ। आंकड़ों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत जुलाई में 20.8 फीसदी गिरकर 31 जुलाई तक 52.21 डालर प्रति बैरल पर आ गई। यह अक्तूबर 2008 के बाद इसकी सबसे बड़ी मासिक गिरावट है। इस दौरान जुलाई में देश की तेल विपणन कंपनियों ने 15 जुलाई और 31 जुलाई की समीक्षा में पेट्रोल तथा डीजल की कीमतों में दो बार कटौती की।
पहली कटौती के तहत 16 जुलाई से दिल्ली में वैट सहित पेट्रोल 2.43 रुपए सस्ता होता, लेकिन दिल्ली सरकार द्वारा उसी दिन वैट बढ़ा दिए जाने के कारण दिल्ली में पेट्रोल 28 पैसे महंगा हो गया। इसके बाद पहली अगस्त से दिल्ली में पेट्रोल एक बार फिर 2.43 रुपए प्रति लीटर सस्ता किया गया। इस प्रकार कुल कटौती 4.86 रुपए प्रति लीटर रही जो 30 जून के स्तर 66.93 रुपए प्रति लीटर का 7.26 प्रतिशत है। इसी प्रकार दिल्ली में डीजल के दाम 16 जुलाई से 2.25 रुपए तथा पहली अगस्त से 3.60 रुपए प्रति लीटर कम किए गए। हालांकि, वैट बढऩे के कारण पहली कटौती 50 पैसे तक सीमित रह गई थी।
इस प्रकार 30 जून के 50.93 रुपए प्रति लीटर के स्तर से कीमत में 5.85 रुपए प्रति लीटर की कमी की गई, जो 11.49 प्रतिशत है। उधर, ईरान के तेल उत्पादन रोजाना पांच लाख बैरल बढ़ाने के बयान तथा चीन में औद्योगिक उत्पादन में बड़ी गिरावट के दबाव में सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड छह महीने के निचले स्तर तक उतर गया। सिंगापुर में कारोबार के दौरान ब्रेंट क्रूड 51.50 डालर प्रति बैरल लुढक़ गया, जो इस साल फरवरी के आरंभ के बाद इसका निचला स्तर है।