नई दिल्ली - वाहन बनाने वाली प्रमुख कंपनी जनरल मोटर्स (जीएम) कारोबार विस्तार और बिक्री बढ़ाने के साथ ही वर्ष 2020 तक बाजार हिस्सेदारी दोगुना करने के उद्देश्य से भारत में एक अरब डालर (6400 करोड़ रुपए) का निवेश करेगी। कंपनी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि इस निवेश से देश में 12 हजार लोगों को नौकरी मिलेगी। इससे पहले जीएम की कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैरी बारा, जीएम इंटरनेशनल के अध्यक्ष स्टीफन जैकोबी और जीएम इंडिया के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अरविंद सक्सेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात कर उन्हें कंपनी की योजनाओं से अवगत कराया।
सुश्री बारा ने कहा कि हम सरकार के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम ‘मेक इन इंडिया’ को आगे बढ़ाने में महत्त्वपूर्ण भागीदार बनना चाहते हैं और एक अरब डालर का निवेश हमारी इसी प्रतिबद्धता को प्रदर्शित करता है। साथ ही इससे वर्ष 2020 तक कंपनी की बाजार हिस्सेदारी बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य हासिल करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि कंपनी की अगले पांच वर्ष में स्थानीय स्तर पर निर्मित 10 नये वाहन पेश करने की योजना है।
उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में तालेगांव स्थित संयंत्र को निर्यात हब बनाने के लिए उसकी एक लाख 30 हजार वाहनों की मौजूदा उत्पादन क्षमता को वर्ष 2025 तक बढ़ाकर दो लाख 20 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि घरेलू उत्पादन में बढ़ोतरी करने के उद्देश्य से कंपनी गुजरात के हलोल संयंत्र को लेकर काफी गंभीर है और इसमें वर्ष 2016 की दूसरी छमाही में उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि भारत में निर्मित वाहनों को विकसित देशों के बाजारों, खासकर अमरीका को निर्यात नहीं किया जाएगा।