नई दिल्ली - टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली ने आस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ भारत-ए की तरफ से अनाधिकारिक टेस्ट मैच में खेलने का निर्णय कई वजहों से लिया है। यह मैच 29 जुलाई से खेला जाना है। कोहली जब इस मैच में मैदान में उतरेंगे तो उनकी निगाहें श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के लिए मैच प्रैक्टिस पर तो रहेगी ही, साथ ही वे कंगारू-ए टीम के खिलाफ अपना रिकार्ड भी सुधारना चाहेंगे। वास्तव में कोहली पिछले काफी दिनों से क्रिकेट मैदान से दूर है। बीसीसीआई ने जिम्बाब्वे दौरे के लिए टीम के सीनियर खिलाडिय़ों को विश्राम दिया था। इस दौरान कोहली अपनी गर्लफ्रेंड व बालीवुड अभिनेत्री अनुष्का शर्मा के साथ पहले दक्षिण अफ्रीका और फिर इंग्लैंड के दौरे पर थे। वहां से लौटने के बाद भी अभ्यास के लिए समय नहीं निकाल पाए हैं।
इसके पहले कोहली बांग्लादेश दौरे पर अच्छे फार्म में नहीं थे और वह टेस्ट मैच में एकमात्र पारी में 14 रन बना पाए थे। उन्होंने तीन वन-डे मैचों में भी मात्र 16.33 की औसत से रन जुटाए थे। यही वजह थी कि श्रीलंका दौरे के लिए टीम चयन के वक्त कोहली ने चयनकर्ताओं से 28 जुलाई से होने वाले दूसरे अनाधिकारिक टेस्ट मैच में खेलने की इच्छा जताई, जिसे बीसीसीआई व चयनकर्ताओं ने तुरंत स्वीकार कर लिया। कोहली की नेतृत्व क्षमता की असली परीक्षा श्रीलंका के खिलाफ सीरीज से होनी है और वे इसके लिए कोई कसर नहीं छोडऩा चाहते हैं। वैसे आपको बता दे कि कोहली इससे पहले भी दो बार आस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ मैच खेल चुके हैं और उनका इन मैचों में प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है।
सितंबर 2008 में उन्होंने बंगलूर में आस्ट्रेलिया-ए के खिलाफ 48 रन बनाए थे। इसके बाद हैदराबाद में हुए मैच में उन्हें बल्लेबाजी का मौका नहीं मिल पाया था। कंगारू गेंदबाजों के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में कोहली का प्रदर्शन अच्छा रहा है और वे इस अनाधिकारिक टेस्ट में लय हासिल कर श्रीलंका जाना चाहते हैं, ताकि वहां टीम के लिए प्रेरणादायी प्रदर्शन कर सके।