नई दिल्ली - भारतीय सीनियर पुरुष हाकी टीम के कोच पाल वॉन एस को उनके पद संभालने के पांच महीने बाद ही बर्खास्त कर दिया गया है। पाल वॉन ने खुद अपनी बर्खास्तगी की बात कही है, लेकिन हाकी इंडिया और भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से इस संदर्भ में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। रियो ओलंपिक से एक साल पहले भारतीय टीम के कोच को लेकर चल रही उठापठक अच्छा संकेत नहीं मानी जा रही है।
एक ओर खुद पाल वॉन ने हालैंड के रोटरडम स्थित अपने घर से यह पुष्टि की है कि उन्हें हाकी इंडिया ने बर्खास्त कर दिया है। इस बीच रिपोर्टों के मुताबिक केंद्रीय खेल सचिव अजीत मोहन शरण ने कहा कि बत्रा ने मंत्रालय को सूचित किया है कि वॉन एस ने अपना पद छोडऩे का पत्र भेजा है, जबकि वॉन एस का बयान ठीक इसके उलट है। 54 वर्षीय पाल वान एस बेल्जियम के एंटवर्प में एफआईएच वर्ल्ड हाकी लीग सेमीफाइनल्स समाप्त होने के बाद छुट्टियों के लिए रोटरडम चले गए थे। भारतीय टीम के साथ उनके भविष्य को लेकर पिछले कुछ दिनों से अटकलें लगनी जब शुरू हुई थीं, जब उन्होंने हिमाचल के शिलारू में भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सेंटर में शुरू हुए राष्ट्रीय टीम के शिविर में समय से रिपोर्ट नहीं की थी।
यह बताई जा रही वजह रिपोर्टों के अनुसार माना जाता है कि वॉन एस की वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल्स में मलेशिया के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच के बाद हाकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र ध्रुव बत्रा के साथ सार्वजनिक रूप से बहस हुई थी। मैच के बाद बत्रा ने मैदान में प्रवेश किया और खिलाडिय़ों के साथ बातचीत करने लगे, जिस पर वॉन एस ने हस्तक्षेप करते हुए बत्रा को मैदान से जाने के लिए कहा।
यह बात संभवत हाकी इंडिया के अध्यक्ष को नागवार गुजरी। वान एस ने इस झगड़े की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि बत्रा मैदान में आए। उन्होंने खिलाडिय़ों से हिंदी में कुछ बोला। मुझे लगा कि वह खिलाडिय़ों को शाबाशी दे रहे हैं, लेकिन उनके बात करने का अंदाज ऐसा नहीं था। तब मैंने उन्हें बाहर जाने के लिए कह दिया। हमने क्वार्टर फाइनल जीता था, जो बड़ी बात थी।