नई दिल्ली - अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पीली धातु के पांच साल के निचले स्तर पर आ जाने से दिल्ली सर्राफा बाजार में सोना स्टैंडर्ड 250 रुपए टूटकर चार महीने के निचले स्तर 26000 रुपए प्रति दस ग्राम पर आ गया। वहीं, चांदी हाजिर में भी 250 रुपए की गिरावट दर्ज की गई और यह साढ़े सात महीने के निचले स्तर पर 34350 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। लंदन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोना हाजिर कल 1.1 प्रतिशत कमजोर होकर 1130.80 डालर प्रति औंस पर आ गया, जो अप्रैल 2010 के बाद का न्यूनतम स्तर है।
इस सप्ताह इसमें 2.7 प्रतिशत की गिरावट आई है जो मार्च के बाद की सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट है। सोना इस साल अब तक तीन प्रतिशत उतर चुका है। बाजार विश्लेषकों के अनुसार, अमरीका में फेडरल रिजर्व द्वारा इस साल ब्याज दर में बढ़ोत्तरी किए जाने की आशंका से पीली धातु की चमक फीकी पड़ी है। प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डालर के मजबूत होकर मई के बाद के उच्च्तम स्तर पर पहुंच जाने से भी सोने पर दबाव रहा। सोने के प्रमुख आयातक देशों भारत और चीन में मांग में लगातार कमी आने से भी इस पर नकारात्मक असर पड़ा है।
इस बीच लंदन में चांदी हाजिर 0.7 प्रतिशत लुढक़कर 14.86 डालर प्रति औंस पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोने के पिछले पांच साल के निचले स्तर पर आ जाने से स्थानीय बाजार में सोना स्टैंडर्ड 250 रुपए कमजोर होकर 26000 रुपए प्रति दस ग्राम पर रहा, जो 18 मार्च के बाद का न्यूनतम स्तर है। सोना बिटुर भी 250 रुपए टूटकर 25850 रुपए प्रति दस ग्राम बोला गया। इस बीच आठ ग्राम वाली गिन्नी भी 100 रुपए कमजोर होकर 22900 रुपए पर आ गई।
चांदी हाजिर में भी 250 रुपए की गिरावट दर्ज की गई और यह 34350 रुपए प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो पहली दिसंबर 2014 के बाद का निचला स्तर है। चांदी वायदा भी 250 रुपए लुढक़कर 34200 रुपए प्रति किलोग्राम बोली गई। इस बीच सिक्का लिवाली और सिक्का बिकवाली दो-दो हजार रुपए कमजोर होकर क्रमश: 50000 रुपए और 51000 रुपए प्रति सैकड़ा बोले गए।