एथेंस - यूनान ऋण संकट के समाधान के लिए जारी प्रयासों के बावजूद कोई हल नहीं निकलने पर यूनान के यूरो जोन से बाहर होने और उसे दिवालिया होने का खतरा बढ़ गया है तथा मंदी से उबरने की कोशिश कर रही वैश्विक अर्थव्यवस्था के फिर से इस भंवर में फंसने की आशंका हावी होने लगी है। यूनान में बैंकों और एटीएम मशीनों को बंद किए जाने का आम लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। लोग इसके विरोध में सडक़ों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। सरकार ने लोगों के तेजी से धन निकासी को प्रतिबंधित करने तथा देश को दिवालिया होने से बचाने के लिए रविवार को बैंक और एमटीएम को बंद कर दिया था।
यूरोपीय संघ ने यूरोजोन में गहराए इस संकट का हल निकालने के लिए यूनान के प्रधानमंत्री एलेक्सी सिप्रास के सामने अंतिम समय में बेलआउट प्रस्ताव रखा है। हालांकि श्री सिप्रास इस बेलआउट प्रस्ताव की शर्तों को यूनान के लिए अपमानजनक बताते हुए पहले भी खारिज कर चुके हैं और सरकारी सूत्रों ने श्री सिप्रास के पुराने निर्णय पर अडिग़ रहने की बात कही है। यूनान के प्रधानमंत्री ने देश की आधिकारिक टेलीविजन पर अपना मत स्पष्ट करते हुए कहा कि वह जनमत का सम्मान करेंगे, लेकिन यदि लोगों ने बेलआउट के पक्ष में मत दिया तो वह अपने पद से इस्तीफा दे देंगे।
उन्होंने कहा कि यदि यूनान के लोग अपमानित प्रधानमंत्री चाहते हैं तो इसके लिए कई अन्य लोग उपलब्ध हैं। मैं इनमें से नहीं हो सकता। इस बीच राजधानी एथेंस में लोगों ने सडक़ों पर रैलियों का आयोजन किया जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री के बेलआउट पैकेज के ठुकराने का समर्थन किया।