मुंबई - यूनान के दिवालिया होने की कगार पर पहुंचने से हतोत्साहित निवेशकों की भारी बिकवाली से विदेशी बाजारों में आए भूचाल से सोमवार को घरेलू शेयर बाजार भी प्रभावित रहा। चौतरफा बिकवाली से बीच सत्र तक दो प्रतिशत से अधिक तक लुढक़े बाजार को इसके बाद नीचे भाव पर हुई लिवाली ने इसकी गिरावट की रफ्तार को धामा, जिससे बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 166.69 अंक अर्थात 0.60 प्रतिशत टूटकर 27645.15 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी 62.70 अंक यानि 0.75 प्रतिशत गिरकर 8300 अंक के मनोवैज्ञानिक स्तर के पार 8318.40 अंक पर बंद हुआ।
शनिवार को ऋण संकट समाधान का एक और प्रयास विफल होने के बाद यूनान में बैंकों और एटीएम मशीनों को बंद कर दिया गया है तथा ऋण के पुनर्भुगतान के लिए 48 घंटे से भी कम समय बचे होने और इसके लिए कोई व्यवस्था नहीं हो पाने से उसके दिवालिया होने की आशंका बढ़ रही है और उसके यूरोपीय जोन से भी बाहर होने का खतरा मंडराने लगा है। इससे हताश हुए विदेशी निवेशकों ने बाजार में जमकर बिकवाली की और बाजार धराशायी हो गया। यूनान संकट से हतोत्साहित निवेशकों की बिकवाली से ब्रिटेन का एफटीएसई 1.66 प्रतिशत, जापान का निक्की 2.88 प्रतिशत, हांगकांग का हैंगसैंग 2.61 प्रतिशत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 1.42 प्रतिशत और चीन का शंघाई कंपोजिट 3.29 प्रतिशत लुढक़ गया।