कोलकाता - यहां खेले गए आईपीएल-आठ के खिताबी मुकाबले में मुंबई ने चेन्नई को 41 रन से हराकर दूसरी बार ट्राफी पर कब्जा कर लिया। विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरे धोनी के धुरंधर 20 ओवर में आठ विकेट खोकर 161 रन ही बना सके। धोनी के लिए टॉस जीतकर पहले फील्डिंग करना भारी पड़ गया। इससे पहले मुंबई ने 2013 में आईपीएल ट्राफी पर कब्जा किया था। मुंबई की ओर से मेक्लेनघन ने तीन विकेट झटके, जबकि हरभजन और मलिंगा को दो विकेट हासिल हुए।
इससे पहले मुंबई इंडियंस ने शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों के बेहतरीन प्रदर्शन की बदौलत चेन्नई सुपर किंग्स के सामने फाइनल मुकाबले में 203 रन का लक्ष्य रखा। मुंबई ने 20 ओवर में पांच विकेट खोकर 202 रन बनाए। मुंबई की ओर लेंड्ल सिमंस (68), रोहित शर्मा (50), किरोन पोलार्ड (36) और अंबाती रायुडू (नाबाद 36 रन) ने खास पारियां खेली। धोनी ने टॉस जीतकर मुंबई को पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किया। उनका यह फैसला पहले ओवर में सही साबित होते दिखा।
पार्थिव पटेल बिना खाता खोले रन आउट हो गए। डु प्लेसिस ने मिड ऑन ने स्?टंप पर निशाना साधकर पटेल को चलता किया। इसके बाद सिमंस और शर्मा ने धोनी की एक नहीं चलने दी। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए शतकीय (119) साझेदारी की। सिमंस ने 36 गेंदों में पांच चौके व तीन छक्कों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया। उनका अर्द्धशतक इसलिए अनोखा बन गया क्योंकि जब वो 48 रन बनाकर खेल रहे थे, तब पवन नेगी ने उनका कैच टपका दिया। इस पर सिमंस ने दो रन चुराकर अपने 50 रन पूरे किए। इसके बाद रोहित शर्मा ने 25 गेंदों में छह चौके व दो छक्कों की मदद से अपना अर्धशतक पूरा किया