मुंबई - एशियाई बाजारों की तेजी और घरेलू स्तर पर सरकार के न्यूनतम वैकल्पिक कर (मैट) को लेकर विदेशी संस्थागत निवेशकों के साथ जारी विवाद के समाधान के लिए किए गए उपाय के साथ ही महंगाई घटने और मानसून के समय पर आगमन के अनुमान से ब्याज दरों में कटौती की बनी उम्मीद से उत्साहित निवेशकों की जबरदस्त लिवाली से बीते सप्ताह शेयर बाजार दो प्रतिशत से अधिक की बढ़त लेकर लगातार तीसरे सप्ताह तेजी के साथ बंद हुआ।
बीएसई का तीस शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 633.50 अंक अर्थात 2.31 प्रतिशत की छलांग लगाकर 27957.50 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी 196.60 अंक यानी 2.37 प्रतिशत उछलकर 8458.95 अंक पर रहा। अमरीकी अर्थव्यवस्था के पटरी पर लौटने के संकेत से फेडरल रिजर्व के इस वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीद और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे के देश की अर्थव्यवस्था को लंबे समय से जारी महंगाई के दबाव से बाहर निकालने के अभियान की सफलता से टोक्यो एक्सचेंज वर्ष 1989 के बाद के उच्चतम स्तर पर पहुंचने के साथ ही एशियाई बाजारों में आई तेजी से आलोच्य सप्ताह घरेलू शेयर बाजार को भी बल मिला।
कर विभाग के 602 करोड़ रुपये के मैट भुगतान नोटिस के विवाद का समाधान करने के लिए बीते सप्ताह सरकार ने तीन सदस्यीय शाह समिति का गठन किया है, जिससे निवेशकों का उत्साह बढ़ा और उनकी निवेशधारणा मजबूत हुई। अप्रैल में खुदरा और थोक महंगाई में कमी आने के साथ ही मौसम विभाग के मानसून के समय पर आगमन के अनुमान से रिजर्व बैंक की 02 जून को प्रस्तावित चालू वित्त वर्ष दूसरी द्विमासिक ऋण एवं मौद्रिक नीति समीक्षा में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद से बाजार में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी दर्ज की गई। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने कहा कि महंगाई और मानसून के फ्रंट पर राहत की खबर को ध्यान में रखते हुए रिजर्व बैंक के लिए ब्याज दरों में कमी करने का यह उचित समय है।