नई दिल्ली -फ्रेंच कार निर्माता कंपनी रेनॉल्ट अपनी हैचबैक एक्सबीए को 20 मई को भारत में उतार रही है। इस कार की सीधी टक्कर मारुति अल्टो, वैगन आर और ह्युंदै इयोन से होगी । 2005 से भारतीय बाजार में मौजूद रेनॉल्ट अभी तक यहां अपने पैर अच्छी तरह जमा नहीं पाई है। हालांकि कंपनी की डस्टर को लोगों ने काफी पसंद किया, लेकिन कई कारें ग्राहकों को लुभाने में नाकाम रहीं। एक चीज जिस पर रेनॉल्ट अब भी पिछड़ रही थी वह है हैचबैक यानी छोटी कारों के सेगमेंटमें उसकी मौजूदगी नहीं थी।
रेनॉल्ट की इस कार को भारत में लांच करने के लिए रेनॉ और निसान के ज्वाइंट सीईओ खुद भारत आ रहे हैं इसी से इस इवेंट की महत्ता का अंदाजा लगाया जा सकता है। एक्सबीए में तीन सिलेंडर का 800सीसी इंजन लगा हुआ है, जिसे रेनॉल्ट और निसान ने मिलकर विकसित किया है। निसान भी डटसन के बैनर तले एक कॉम्पैक्ट हेचबैक कार उतारने की योजना बना रही है जिसमें यही इंजन लगाया जाएगा। इस कार का नाम रेडी गो रखा जाएगा। यह भारत में रेनॉ की ओर से आई पहली ऑटोमेटेड मेनुअल ट्रांसमिशन युक्त कार होगी। इस सेगमेंटमें अल्टो के10 पहले से ही यह ट्रांसमिशन इस्तेमाल कर रही है।
अल्टो इस सेगमेंटकी लोकप्रिय कार है और ऐसे में रेनॉल्ट को अपनी जगह बनाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। अल्टो न केवल इस सेगमेंटमें सबसे आगे है, बल्कि 2014-15 में 264,492 यूनिट्स बेचकर वह बिक्री के लिहाज से सभी सेगमेंट की पैसेंजर कारों में सबसे आगे है। ह्युंदै की इयॉन ने इस साल 78334 कारें बेचीं। वहीं दूसरी ओर इसकी तुलना अगर रेनॉ पल्स से की जाए, जो एक सेगमेंट ऊपर की कार है, ने इसी दौरान केवल 2301 कारें बेचीं।