नई दिल्ली – केन्द्र सरकार ने 20 साल बाद 1 रुपए के नोटों की छपाई के लिए पिछले साल दिसंबर में गजट नोटिफिकेशन जारी किया था, जो इस साल 1 जनवरी 2015 से लागू हो गया है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार हर साल 15 करोड़ नोटों की छपाई की जाएगी ताकि लोगों के पर्स में इनकी उपस्थिति बनी रहे।
इनकी छपाई का खर्च इनके मूल्य से ज्यादा होने के कारण 1994 में सरकार ने इन नोटों की छपाई बंद कर दी थी। इस कारण धीरे-धीरे ये नोट प्रचलन से लगभग बाहर हो चुके हैं। यहां तक कि वित्त वर्ष 2013-14 की रिजर्व बैंक की वार्षिक रिपोर्ट में भी प्रचलन में मौजूद नोटों में इसका जिक्र नहीं है। हालांकि यह जरूर कहा गया है कि 31 मार्च 2014 को 3842.4 करोड़ 1 रुपए के सिक्के प्रचलन में थे।