तिरुवनंतपुरम -भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) के होस्टल में चार प्रशिक्षु खिलाडिय़ों ने सीनियरों द्वारा कथित तौर पर उत्पीडऩ के चलते जहरीला फल खाकर आत्महत्या की कोशिश की। इनमें से एक की मौत हो गई, जबकि तीन अस्पताल में है। इस मामले पर केंद्रीय खेल मंत्रालय भी हरकत में आ गया है। गुरुवार को यह मामला संसद में भी उठा।
उधर, खेल मंत्री ने कहा है कि साई एथलीटों के खुदकुशी के प्रयास के मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बताया कि इन लड़कियों ने साई महिला जल क्रीड़ा केंद्र के भीतर जहरीला फल ओथालांगा खाया। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां एक की मौत हो गई। ये लड़कियां पुन्नामाडा के करीब साई के जलक्रीड़ा केंद्र में प्रशिक्षण ले रही थी। लड़कियों के परिजनों ने आरोप लगाया है कि कुछ सीनियर उनका मानसिक और शारीरिक उत्पीडऩ कर रहे थे।
होस्टल के वार्डन ने हालांकि इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें लड़कियों के बेहोश होने के बाद ही उनकी हालत का पता चला और होस्टल में किसी ने उनका उत्पीडऩ नहीं किया है। नाराज रिश्तेदारों ने कहा है कि मामले की जांच का तुरंत आदेश नहीं दिया गया तो वे राष्ट्रीय राजमार्ग का घेराव करेंगे और मृतका का अंतिम संस्कार भी नहीं करेंगे। उधर, केरल में साई एथलीटों के खुदकुशी मामले के बाद खेल मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि भारतीय खेल प्राधिकरण से किसी के दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोनोवाल ने कहा कि कानून अपना काम करेगा, लेकिन मैं यही कहना चाहता हूं कि यदि साई से कोई भी दोषी पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।