जापान - कई लोग यह मानने में हिचकते हैं कि हाइड्रोजन का एक वैकल्पिक ईंधन के रुप में इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन टोयोटा की फ्यूल-सेल कार मिराई ऐसे लोगों की धारणा को पलट सकती है। कंपनी के एक ऐड के मुताबिक यह कार गाय की खाद से बनाई गई हाइड्रोजन से चलती है। कंपनी ने अर्थ डे प्रोमोशन के नजरिए से टोयोटा मिराई पर आधारित अपनी इस एड सीरीज का पहला एपिसोड रिलीज किया, जिसके मुताबिक इस कार में सारे फ्यूल काम कर सकते हैं।
इस एड के जरिए यह साबित करने की कोशिश की गई है कि कैसे गाय के गोबर से बनी खाद से हाइड्रोजन गैस को अलग कर टोयोटा मिराई को चलाया जा सकता है। कंपनी जल्द ही इस कार को दुनिया भर के बाजारों में उतारने की योजना बना रही है। इस एड को सामने लाने के पीछे कंपनी का मकसद यह बताना है कि वाकई में गोबर से ही टोयोटा मिराई को पावर मिलती है।
टोयोटा मिराई इस जापानी कंपनी की पहली मास-प्रोडक्शन हाइड्रोजन-पावर्ड फ्यूल-सेल कार है। कंपनी के मुताबिक इस कार का निर्माण 20 साल के रिसर्च और लाखों डालर के इन्वेस्टमेंट के बाद ही संभव हो पाया है। कंपनी के मुताबिक इस कार में हाइड्रोजन फ्यूल सेल स्टैक के जरिए गैस जाती है और हाइड्रोजन के साथ आक्सीजन को मिक्स करती है। इस प्रक्रिया के जरिए ऑन-बोर्ड बैटरी को चार्ज करने के लिए जरूरी बिजली पैदा होती है। टोयोटा मिराई को पावर देने के लिए 114 किलोवॉट का फ्यूल सेल स्टैक और 113 किलोवॉट का इलेक्ट्रिक मोटर लगा हुआ है।
हाइड्रोजन और आक्सीजन के कांबिनेशन से शुद्ध पानी भी बनता है, जिसे कि कार को चलाते हुए ही टेलपाइप के जरिए डंप किया जा सकता है। टोयोटा के मुताबिक 0-100 किमी/घंटा की स्पीड यह कार 10 सेकंड में पकड़ सकती है और अच्छी ड्राइविंग कंडीशन में लगभग 550 किलोमीटर की दूरी तय कर सकती है। इसके फ्यूल टैंक को दोबारा भरने में भी सिर्फ 5 मिनट का वक्त लगता है। जहां तक कार की कीमत का सवाल है तो जापान में यह कार 35 लाख रुपए के आसपास की पड़ रही है। भारत में इसकी कीमत थोड़ी कम हो सकती है, क्योंकि सरकार की तरफ से ऐसी कारों पर इन्सेंटिव्स देने का प्लान है।