नई दिल्ली - ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसल खराब होने के कारण किसान तो बेहाल है ही, बढ़ती कीमतों के कारण आम आदमी की थाली से भी दाल भी दूर होती नजर आ रही है। दिल्ली स्थित दालों के थोक मार्केट नया बाजार के कारोबारियों के अनुसार पिछले पखवाड़े के दौरान चना, अरहर और उड़द दालों में 500 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल तक का उछाल आ चुका है।
खुले बाजार में अरहर की कीमत 100 रुपए प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है। मरीज की थाली की दाल के रूप में पहचान रखने वाली मूंग दाल भी 100 रुपए प्रति किलो से ऊपर बिक रही है। कारोबारियों के मुताबिक तेजी के पीछे मुख्य कारण घरेलू उत्पादन में गिरावट और आयातित माल आने में देरी की आशंका है। इसके अलावा विदेशी बाजारों में भाव ऊंचे हैं और डालर भी मजबूत बना हुआ है।
आर्थिक और सांख्यिकी महानिदेशालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2014-15 में पिछले साल के मुकाबले देश में दाल-दलहनों का उत्पादन 13 लाख 50 हजार टन कम रहेगा। वर्ष 2013-14 में कुल उत्पादन एक करोड़ 97 लाख 80 हजार टन रहा था, जिसके 2014-15 में घटकर एक करोड़ 84 लाख 30 हजार टन रह जाने का अनुमान है।
नया बाजार के कारोबारियों के अनुसार अरहर की दाल में पिछले पखवाड़े के दौरान 500 से 800 रुपए प्रति क्विंटल का उछाल आ चुका है। अरहर दाल की कीमत 8800 से 9200 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गए हैं। आंकड़ों के अनुसार 2013-14 में अरहर की दाल का उत्पादन 31 लाख 70 हजार टन रहा था, जिसके 2014-15 में घटकर 27 लाख 50 हजार टन रह जाने का अनुमान है।