नई दिल्ली । प्रॉविडेंट फंड योजना की शुरुआत भारत सरकार द्वारा कर्मचारी के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए की थी। ऐसे में अब कोई इंप्लॉइ अपने एकाउंट से बार-बार पैसे निकालता है तो यह मंहगा पड़ सकता है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नए बजट के तहत यदि कोई इंप्लॉइ 5 साल से पहले एकाउंट से पैसे निकालता है तो उसे 10 परसेंट का टीडीएस देना पड़ेगा।
नए बजट के तहत पीएफ पर टीडीएस कटौती का प्रावधान जारी कर दिया है. जो कि 1 अप्रैल से लागू होगा.इस नए नियम के अनुसार पीएफ एकाउंट होल्डर लगातार 5 साल से पहले अपने एकाउंट से पैसे निकालता है तो उस पर टीडीएस लागु होगा। आपको बता दे अब अगर पीएफ एकाउंट होल्डर पुराने पीएफ एकाउंट अथवा पुराने इंप्लॉयर से नए इंप्लॉयर में ट्रांसफर होता है तो भी इसकी गणना लगातार 5 साल के तौर पर की जाएगी।
पीएफ से निकाली गई रकम 30 हजार रुपए से कम है तो उस स्थिति में टीडीएस नहीं देना पड़ेगा। गवर्नमेंट व प्राइवेट कर्मचारी के लिए पीएफ एकाउंट के साथ अपना आयकर विभाग का पैन नम्बर (स्थायी खाता संख्या) रखना भी अनिवार्य जैसा हो गया है। पीएफ नम्बर नहीं होने की स्थिति में पीएफ एकाउंट से पैसे निकालने पर उस पर टैक्स की गणना अधिकतम सीमांत दर के अनुसार की जाएगी, जो आयकर स्लैब के अनुसार 35 परसेंट तक हो सकती है। जैसा की पीएफ एकाउंट की रकम को सबसे अधिक सिक्योर, बगैर टैक्स और अधिकतम रिटर्न देनी वाली माना जाता है।