नई दिल्ली - कूची प्ले आउटडोर प्लेग्राउंड सिस्टम की डिजाइन और निर्माण करने वाली एक अग्रणी कंपनी है। इसने अपनी नई क्रांतिकारी प्रोडक्ट लाइन ‘कूफीट’ पेश की है, यह एक ऐसा आउटडोर जिम उपकरण है जो दिल्ली एनसीआर निवासियों को प्रकृति के करीब रखते हुए खुद को फिट रखने में मददगार होगा। इस उपकरण का प्रदर्शन इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित ‘सेफ एंड हेल्दी आउटडोर स्पेसेस इन मॉडर्न डिजाइन’ नामक कॉनक्लेव में किया गया, जहां प्रमुख नीति निर्माता, आर्किटेक्ट, लैंड स्केप प्लानर, डॉक्टर और अग्रणी बिल्डर मौजूद थे।
वर्ष 2014 तक, दुनियाभर में लगभग 230 करोड़ व्यस्कों का वजन सामान्य से अधिक होगा और 70 करोड़ लोग मोटापे के शिकार होंगे। यह आंकड़े विश्व स्वास्थ्य संगठन की एक रिपोर्ट में सामने आए हैं जिसमें इस महामारी को ‘ग्लोबेसिटी’ का नाम दिया गया है। शीशे के आधुनिक कार्यालयों में बंद रहने वाली शहरी जीवनशैली ने स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाला है और कई बीमारियों को न्यौता दिया है। इसलिए पुराने दौर में लौटते हुए खुले माहौल में एक्सरसाइज करना अब एक महत्वपूर्ण वास्तविकता बन गई है। ऐसे में इस कंपनी का मानना है कि कूफीट स्वास्थ्य से जुड़ी इन तकलीफों का श्रेष्ठ समाधान है।
वैज्ञानिक नीतियों के आधार पर डिजाइन किए गए खुले स्थान हर उम्र के लोगों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं और इस अहम जरूरत को कूची प्ले के नए उत्पाद ‘कूफीट’ के रूप में समर्थन हासिल हुआ है। इस फिटनेस उपकरण का उपयोग करने वालों को महंगी जिम मेंबरशिप के बारे में नहीं सोचना पड़ेगा और ना ही उन्हें निजी जिम ट्रेनर बुलाने होंगे। शारीरिक व्यायामों से निश्चित रूप से स्वास्थ्यवर्धक जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा और साथ में समाज में एकजुटता के अवसर आएंगे। कूफीट जैसा उत्पाद पब्लिक पार्क, रेसिडेंशियल कॉम्पलेक्स, रिसॉर्ट, शैक्षणिक संस्थानों, अस्पतालों, समुद्री किनारों और अन्य सार्वजनिक स्थलों के लिए पूरी तरह उपयुक्त है।
कूची प्ले सिस्टम्स प्रा लि. के सीएमडी रॉबेन दास ने कहा कि “युवा भारतीय पीढ़ी के लिए सुरक्षित एवं स्वास्थ्यवर्धक संपूर्ण शारीरिक विकास के लिए हमें खेल मैदानों के उपकरणों की स्थापना, विकास और निर्माण में हर छोटी-बड़ी बातों का ध्यान रखना होगा। दूसरे विकसित देशों में उनके भूमि संबंधित अधिकतर संसाधन विकसित होते हैं लेकिन हमारे देश में ऐसा नहीं है। इसलिए भारतीय युवाओं के लिए हमारे सभी आउटडोर स्पोर्ट्स उपकरणों को प्रचलित करने की बेहद अहम जरूरत को मद्देनजर रखते हुए उन वर्गों की समस्या पर ध्यान देना होगा जिनके पास घरों के आसपास खुले स्थानों की कमी है।”