सिडनी - एबी डीविलियर्स के तूफानी शतक (162) और इमरान ताहिर (पांच विकेट) की घातक गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने वर्ल्ड कप के पूल-बी के मैच में वेस्टइंडीज को 257 रन से मात दी। इस बड़ी जीत के साथ साउथ अफ्रीका ने वर्ल्ड कप में सबसे बड़ी जीत का भारत का रिकार्ड भी बराबर कर दिया। इससे पहले भारत ने 2007 के वर्ल्ड कप में बरमूडा को 257 रन से हराया था। जीत के लिए मिले 409 रन के जवाब में वेस्टइंडीज के बल्लेबाज पूरी तरह फ्लाप रहे और पूरी टीम 33.1 ओवरों में 151 रन पर सिमट गई।
कप्तान जेसन होल्डर को छोडक़र कोई भी बल्लेबाज विकेट पर ज्यादा देर टिक नहीं सका। होल्डर ने 48 गेंदों पर 56 रन की पारी खेलते हुए वेस्टइंडीज को कुछ हद तक शर्मनाक स्थिति पर सिमटने से बचा लिया। इससे पहले एबी डीविलियर्स की तूफानी बैटिंग (66 गेंदों पर 162 रन) की बदौलत टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए साउथ अफ्रीका ने 50 ओवरों में पांच विकेट पर 408 रन बनाए। वेस्ट इंडीज के खिलाफ 31 गेंदों पर सबसे तेज वनडे सेंचुरी ठोंक चुके डीविलियर्स ने यहां भी उसी पारी की याद ताजा करते हुए।
सिर्फ 52 गेंदों पर 12 चौके और तीन छक्कों की मदद से सेंचुरी ठोंकी और आखिरी ओवरों में वेस्टइंडीज के गेंदबाजों के खिलाफ रनों की बारिश कर दी। डीविलियर्स ने सिर्फ 66 गेंदों पर 162 रन की जोरदार पारी खेली। इस पारी में 17 चौके और आठ छक्के शामिल हैं। डीविलियर्स के कत्ले आम का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि साउथ अफ्रीका ने आखिरी पांच ओवरों में 96 रन जोड़ डाले। डीविलियर्स ने होल्डर के खिलाफ 48वें ओवर में 34 रन ठोंके, जो कि वर्ल्ड कप का दूसरा सबसे मंहगा ओवर है। अंतिम ओवर में भी डीविलियर्स ने चार छक्कों और एक चौके की मदद से 30 रन बनाए।
डीविलियर्स की धुआंधार बैटिंग का आलम यह था कि साउथ अफ्रीका ने आखिरी 3.2 ओवरों में 80 रन बनाए और उनमें से 68 रन डीविलियर्स के बैट से निकले। वेस्टइंडीज के कप्तान जेसन होल्डर ने 10 ओवर में दो मेडन फेंकने के बावजूद 104 रन लुटाए, जिससे यह साफ होता है कि डीविलियर्स के निशाने पर वह सबसे पहले थे। वहीं, अन्य गेंदबाजों की भी जमकर धुनाई हुई।