मुंबई - ऑस्ट्रेलिया के कड़े दौरे पर रवाना होने से पहले शुक्रवार को स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने कहा कि भारत चार टेस्ट मैचों की सीरीज में आक्रामक और सकारात्मक खेल दिखाएगा। पहले टेस्ट के कार्यवाहक कप्तान ने यह भी कहा कि भारतीय युवा टीम कंगारुओं को उनके घर में मात दे सकती है।
चार दिसंबर से ब्रिस्बेन में खेले जाने वाले पहले टेस्ट मैच में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने वाले कोहली ने कहा, हमें अपनी क्षमता और अपने टेस्ट खिलाडिय़ों के जज्बे पर पूरा भरोसा है। हर कोई वहां जाने और ऑस्ट्रेलिया में परिस्थिति का अनुभव करने एवं वहां मिलने वाली चुनौती को लेकर उत्सुक है। हमें आक्रामक होने के साथ सतर्क रहना होगा। पहली प्राथमिकता सकारात्मक और आक्रामक होने पर होगी। हमारे पास निश्चित रूप से प्लान बी और प्लान सी होंगे जिनपर हम निर्भर होंगे। सीरीज की शुरुआत के पहले माइंडगेम की भी शुरुआत हो चुकी है, एकतरफ ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज गेंदबाज ग्लेन मैकग्रा कह रहे हैं कि भारत का एक बार फिर 0-4 से सफाया हो जाएगा, वहीं युवा कप्तान कोहली का कहना है कि उनकी टीम में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर पर हराने का दम है। उन्होंने कहा, आपको हर वक्त जीत के लिए सोचने की जरूरत है।
हमारे पास उन्हें उनके घर पर हराने का अच्छा मौका है। हमने पहले भी ऐसा किया है। हम ऐसा दोबारा नहीं कर सकते, इसके पीछे मुझे कोई भी कारण नजर नहीं आता। टीम में शामिल हर खिलाड़ी आक्रामक प्रवृत्ति वाले हैं। भारतीय टीम शनिवार तडक़े ऑस्ट्रेलिया दौरे के लिए रवाना हो जाएगी। दायें हाथ के अंगूठे में लगी चोट की वजह से नियमित कप्तान एमएस धौनी पहले टेस्ट मैच में टीम के साथ नहीं होंगे। वह दूसरे टेस्ट मैच से टीम के साथ जुड़ जाएंगे, जोकि एडिलेड में 12 दिसंबर से खेला जाएगा।
टीम के मुख्य कोच डंकन फ्लेचर ऑस्ट्रेलिया में ही टीम के साथ जुड़ेंगे। कोहली ने कहा कि टेस्ट टीम के लिए उपयुक्त खिलाडिय़ों का चयन करना जरूरी है। उन्होंने कहा, हमें टेस्ट सीरीज के लिए सर्वश्रेष्ठ टीम चुननी होगी। टेस्ट सीरीज का मतलब एक विशेष संयोजन के साथ टिके रहने, खिलाडिय़ों को भरोसा देने और उन्हें यह नहीं जताना है कि उनकी जगह लेने के लिए दूसरे खिलाड़ी बैठे हुए हैं। हम इस मानसिकता के साथ वहां नहीं जा सकते कि हम वहां जाएंगे और जो होगा वह देखेंगे।
कप्तान ने कहा कि विश्व कप से पहले ऑस्ट्रेलिया में खेलना फायदेमंद होगा क्योंकि विश्व कप से पहले खिलाड़ी ऑस्ट्रेलिया की परिस्थिति के अभ्यस्त हो जाएंगे। कोहली 2012 के अपने पिछले ऑस्ट्रेलिया दौरे में अच्छे प्रदर्शन के बाद वह इस बार दौरे को लेकर उत्साहित हैं। पिछले दौरे पर एक शतक और एक अर्धशतक के साथ टेस्ट सीरीज में 300 रन बनाने वाले खिलाड़ी ने कहा, मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर पिछला दौरा अपने करियर में मील का पत्थर था। 2012 का ऑस्ट्रेलिया का दौरा खत्म होने के साथ मैं एक अलग इंसान और क्रिकेटर बन चुका था। हालांकि भारत वह सीरीज 0-4 से हार गया था।