चेन्नई - दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल विनिर्माण ईकाई के रूप में अस्तित्व में आने के 8 साल बाद फिनलैंड की हैंडसेट कंपनी नोकिया अपने श्रीपेरंबुदूर कारखाने का परिचालन शनिवार से बंद करने जा रही है। कंपनी के इस फैसले की वजह से आठ हजार से ज्यादा कर्मचारी बेरोजगार हो गए हैं। कारखाने के 900 कर्मचारियों के लिए 7.5 लाख से 9 लाख रूपए के वित्तीय पैकेज को अंतिम रूप दे दिया है।
हालांकि, कंपनी ने नोकिया-माइक्रोसॉफ्ट के बीच 7.5 अरब डॉलर के सौदे के बाद संयंत्र के 5,600 कर्मचारियों के लिए स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना तैयार की थी, लेकिन कारखाने का उत्पादन बंद होने की वजह से करीब 900 कर्मचारियों के भविष्य को लेकर असमंजस बना हुआ था।
नोकिया ने इस संयंत्र में एक नवंबर से उत्पादन बंद करने की घोषणा के बाद राजनीतिक दल इसके खिलाफ आवाज उठा रहे थे। राजनीतिक दलों ने 900 कर्मचारियों के भविष्य के मद्देनजर राज्य सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की थी। नोकिया इंडिया इम्प्लॉइज यूनियन के सूत्रों का कहना है कि इनमें से कुछ कर्मचारी 2006 में संयंत्र का परिचालन शुरू होने के बाद से ही यहां काम कर रहे थे।
इस मामले में प्रबंधन, कर्मचारियों और श्रम विभाग के बीच पिछले दो दिन तक चली बातचीत के बाद शुक्रवार को इस मुद्दे पर सहमति बन सकी। नोकिया ने जारी बयान में कहा कि त्रिपक्षीय बैठक के बाद कर्मचारियों के लिए वित्तीय पैकेज का ब्योरा नहीं दिया गया है, लेकिन यूनियन के सूत्रों का कहना है कि प्रत्येक कर्मचारी को 7.5 से 9 लाख रूपए की पेशकश की गई है। दरअसल, नोकिया ने श्रीपेरंबुदूर कारखाना 2006 में शुरू किया था और उस समय यह दुनिया की सबसे बड़ी मोबाइल विनिर्माण इकाई थी।
इस कारखाने में 8,000 कर्मचारी थे जबकि 25,00 अन्य इससे अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े थे। कारखाने में बेसिक जीएसएम हैंडसेट बन रहे थे जिनकी आपूर्ति घरेलू बाजार के साथ ही दूसरे देशों में भी की जाती थी। नोकिया ने अपना मोबाइल हैंडसेट कारोबार इसी साल माइक्रोसॉफ्ट को बेचने का सौदा कर लिया। हालांकि भारत सरकार के साथ कर संबंधी विवाद के चलते इस कारखाने को उस सौदे में शामिल नहीं किया जा सका। मार्च में तमिलनाडु सरकार ने नोकिया को 2,400 करोड़ रूपए का कर नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया कि कंपनी ने इस कारखाने में बने हैंडसेटों का निर्यात करने के बजाय उन्हें घरेलू बाजार में बेचा।
सुप्रीम कोर्ट ने कर के एक अन्य मामले में 14 मार्च को नोकिया इंडिया से कहा कि वह इस कारखाने को माइक्रोसॉफ्ट को स्थानांतरित करने से पहले 3,500 करोड़ रूपए की बैंक गारंटी दे। नोकिया-माइक्रोसॉफ्ट का सौदा 25 अप्रैल 2014 को पूरा हो गया लेकिन इसमें चेन्नई कारखाने को शामिल नहीं किया गया। इसी महीने नोकिया ने एक बयान में कहा कि माइक्रोसॉफ्ट ने उसे सूचित किया है कि वह इस कारखाने को विनिर्माण सेवा सौदा एक नवंबर 2014 से समाप्त कर देगी। नोकिया ने कहा कि माइक्रोसॉफ्ट से आर्डर नहीं मिलने के कारण वह इस कारखाने में हैंडसेट उत्पादन एक नवंबर से बंद कर देगी।