मुंबई - शेयर बाजार में बुधवार को एक माह से ज्यादा समय की सबसे ब़ड़ी गिरावट दर्ज की गई। हाल में रिकॉर्ड ऊंचे स्तर पर पहुंचने के बाद लगातार दूसरे दिन मुनाफावसूली और अमेरिका में ब्याज दरें उम्मीद से पहले बढ़ाए जाने की आशंका के कारण सेंसेक्स 208 अंक व निफ्टी 59 गिर गया। अमेरिका में यदि ब्याज दरें बढ़ाई जाती हैं तो पूंजी की आमद प्रभावित होगी। मुख्य रूप से आईटीसी, इन्फोसिस, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी, एल एंड टी, एचडीएफसी बैंक और टीसीएस जैसे दिग्गज शेयरों में बिकवाली की वजह से बाजार दबाव में रहा।
बड़ी कंपनियों के शेयरों के साथ-साथ मिडकैप शेयर भी बिकवाली के दबाव में रहे, लेकिन स्मॉलकैप शेयरों में तेजी रही। सबसे ज्यादा कंज्यूमर ड्युरेबल्स, तेल-गैस, एफएमसीजी, आईटी और कैपिटल गुड्स शेयरों में गिरावट आई। दूसरी तरफ रियल्टी और पावर शेयरों में लिवाली का रुझान रहा। सेंसेक्स अंतत: 207.91 अंक यानी 0.76 फीसद गिरावट के साथ 27,057.41 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 58.85 अंक या 0.72 फीसद गिरकर 8,094.10 पर रहा। केयर्न इंडिया, हीरो मोटोकॉर्प, बीपीसीएल, आईटीसी, कोल इंडिया, इन्फोसिस और रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे ज्यादा 2.7-1.7 फीसद गिरे। लेकिन, आईडीएफसी, डीएलएफ, आईसीआईसीआई बैंक, पावरग्रिड, सेसा स्टरलाइट, टाटा पावर, बजाज ऑटो और सिप्ला जैसे शेयरों की ट्रेडिंग 2.1-0.4 फीसद बढ़त पर बंद हुई।