गेंदबाजों के दमदार प्रदर्शन के बाद कप्तान एल्टन चिगुम्बरा की नाबाद 52 रन की बेहतरीन पारी और उत्सेया के 30 रन की बदौलत जिम्बाब्वे ने 31 साल के लम्बे अंतराल के बाद आस्ट्रेलिया को एकदिवसीय अन्तरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में रविवार को तीन विकेट से हराकर नया इतिहास रच दिया।
जिम्बाब्वे की त्रिकोणीय एकदिवसीय सीरीज में तीन मैचों में यह पहली जीत है जबकि आस्ट्रेलिया की तीन मैचों यह दूसरी हार है। जिम्बाब्वे ने इस जीत से आस्ट्रेलिया से पहले मैच में मिली 198 रन की हार का बदला भी चुका लिया और अपने लिए फाइनल में पहुंचने की उम्मीदें जगा लीं।
जिम्बाब्वे गेंदबाजों ने आस्ट्रेलिया को 50 ओवर में नौ विकेट पर 209 रन के मामूली स्कोर पर रोक दिया। माइकल क्लार्क ने सर्वाधिक 68 रन बनाए। आस्ट्रेलिया का अपने वनडे इतिहास में जिम्बाब्वे के खिलाफ यह सबसे कम स्कोर है। इसके बाद जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने हरारे के स्टेडियम में दर्शकों से मिल रहे जबरदस्त समर्थन के दम पर 48 ओवर में सात विकेट पर 211 रन बनाकर अपने क्रिकेट इतिहास की यादगार जीत हासिल कर ली।चिगुम्बरा ने प्रास्पर उत्सेया नाबाद 30 के साथ आठवें विकेट के लिए 9.4 ओवर में अविजित 55 रन की मैच विजयी साझेदारी की। उत्सेया ने मिचेल स्टार्क की गेंद पर जैसे ही विजयी छक्का मारा, जिम्बाब्वे के खिलाडि$यों ने एक दूसरे को गले लगा लिया और पूरा स्टेडियम हर्षोल्लास से गूंज उठा।
गौरतलब हो कि जिम्बाब्वे ने 1983 को तीसरे विश्वकप के दौरान आस्ट्रेलिया को 13 रन से हराया था। उस जीत के बाद जिम्बाब्वे को आस्ट्रेलिया की शक्तिशाली टीम को हराने के लिए 31 साल और 28 मैचों का इंतजार करना पड़ा। जिम्बाब्वे ने 1983 की जीत के बाद आस्ट्रेलिया से 27 मैच गंवाए थे लेकिन आज उसने एक नया इतिहास बना दिया।