अदाकारी सीमा के बंधन को नहीं मानती और यही कारण है कि गुजरात या महाराष्ट्र के कलाकार भोजपुरी में फेमस हो जाते हैं तो बिहार के बालीवुड में। ऐसे अदाकारों में दक्षिण भारतीय कलाकार मणी का भी नाम शुमार है जो दक्षिण भारतीय होने के बावजूद धाराप्रवाह बंगाली बोलने में कोई गुरेज या कमीबेशी नहीं रखते। इंडिपेंडेंट पब्लिसिटी के आईपीएस यादव ने मणी की मुलाकात अनिल शर्मा से कराई।
अनिल शर्मा - अमिताभ बच्चन जैसी शख्सियत को अपना फेवरेट मानने की वजह क्या है, उनसे क्या पाया।
मणी - अमिताभ साहब जैसी शख्सियत बेमिसाल हैं। आसानी से किसी भी भूमिका को जीवंत कर देते हैं। इसीलिए वो मेरी प्रेरणा हैं और मैं उनके काम के प्रति समर्पण...अन्य बातों के लिए समर्पण से प्रेरित हूं। मैं उनकी वार्किंग पॉवर, व्यावसायिकता, मानवता, समय की पाबंदी जैसे कई गुणों को अपनाने की कोशिश करता हूं या उन पर चलने की ट्राय करता हूं।
अनिल शर्मा - साउथ इंडियन होने के बावजूद बांग्ला फिल्मों में जाने में कोई प्राब्लेम नहीं रही। कैसा अनुभव कर रहे बांग्ला फिल्म इंड.में।
मणी - बिलकुल घर जैसा माहौल है। साउथ में भी स्कोप है, लेकिन मुझे बांग्ला में चांस मिल गया। मेरी बांग्ला फिल्म निरमोक दरभंगा में सम्पन्न अन्तरराष्ट्रीय फिल्म समारोह में अवार्ड जीता है और सर्वश्रेष्ठ नायक अवार्ड के लिए मुझे नामांकित किया गया।
अनिल शर्मा - निरमोक की शूटिंग में कैसा लगा?
मणी(हंसते हुए) - वाऊ! इंट्रेस्टिंग। बहुत एन्जाय किया। नैचुरल स्पाट्स ने काफी दिल को छुआ।
अनिल शर्मा - साउथ को पूरी तरह से अलविदा कह दिया या जुड़े हो।
मणी - नो....। ये बात नहीं है। साउथ, बांग्ला या बालीवुड...जहां भी मौका मिला है या मिल रहा है, चांस ले रहा हंू। मेरी साउथ की दो फिल्में इस वर्ष रिलीज होने वाली हैं। इसके अलावा निर्माता सत्यप्रकाश मंगतानी की हिन्दी की थ्री डी फिल्म है नीला।
अनिल शर्मा - इसके अलावा...?
मणी - इन फिल्मों के अलावा बंगाली की दो फिल्में कर रहा हूं। बिश्वजीत सरकार की जैकेट और दिशारी प्रोडक्शन की विनायक-द सोवीर।
अनिल शर्मा - अपने साउथ टू बंगाल के सफर के बारे में कुछ बताएंगे।
मणी - श्योर। मेरी पैदाइश दक्षिण की है, लेकिन मेरे पिता उच्च प्रोफाइल होने और सरकारी नौकरी में होने से पिता का ट्रांसफर पश्चिम बंगाल में हो गया और मेरा बचपन और शिक्षा वगैरह कोलकाता में हुई।
अनिल शर्मा - दो विभिन्न संस्कृतियों, परंपरा आदि से तुमने क्या हासिल किया?
मणी - बहुत कुछ। बचपन में ही फादर का ट्रांसफर कोलकाता हो गया और मेरा एज्युकेशन वहीं हुआ। बंगाली कल्चर, सोसायटी वहां के लोगों ने काफी कुछ दिया। दक्षिण भारतीय होने के कारण यहां भी मुझे भरपूर प्यार मिला और यहां की प्रकृति, परंपरा आदि-इत्यादि से भी मैं प्रभावित रहा।
(Source - Anil Sharma 08962117246, 08871305536)