धर्मशाला 27 जनवरी: टिम ब्रेसनन और इयान बेल ने धौलाधर की खूबसूरत पहाडियों के बीच बसे एचपीसीए स्टेडियम में अपने कौशल का अद्भुत नजारा पेश करके इंग्लैंड को आज यहां भारत के खिलाफ पांचवें और अंतिम एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में सात विकेट से जीत दिलायी. भारत पांच मैचों की श्रृंखला पहले ही अपने नाम कर चुका था लेकिन इंग्लैंड हार का अंतर 3-2 करने में सफल रहा.
पहले बल्लेबाजी का न्यौता पाने वाले भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और उसके पांच विकेट 79 रन पर उखड गये. सुरेश रैना ने 83 रन की जुझारु पारी खेली. निचले क्रम में रविंदर जडेजा (39) और भुवनेश्वर कुमार (31) ने उपयोगी योगदान दिया लेकिन भारतीय टीम 49.4 ओवर में 226 रन पर बनाकर आउट हुई. ब्रेसनन ने 45 रन देकर चार विकेट लिये. जेम्स ट्रेडवेल और स्टीवन फिन को दो-दो विकेट मिले.
बेल ने इसके बाद श्रृंखला का एकमात्र शतक जमाया. वह 143 गेंदों पर 13 चौकों और एक छक्के की मदद से 113 रन बनाकर नाबाद रहे. उन्होंने इस बीच जो रुट (31) के साथ तीसरे विकेट के लिये 79 और इयोन मोर्गन (नाबाद 40) के साथ चौथे विकेट के लिये 84 रन की अटूट साझेदारी की. इंग्लैंड ने 47.2 ओवर में तीन विकेट पर 227 रन बनाये. इंग्लैंड की इस जीत से आईसीसी वनडे रैंकिंग में भारत के समान 119 अंक हो गये हैं लेकिन दशमलव में गणना करने पर भारत अब भी आगे है और इस तरह से वह नंबर एक पर काबिज रहेगा.
बेल ने एलिस्टेयर कुक (22) के साथ पहले विकेट के लिये 53 रन जोडकर इंग्लैंड को अच्छी शुरुआत दिलायी. भुवनेश्वर और शमी अहमद पिछले मैचों की तरह इन दोनों को शुरु में अधिक परेशान नहीं कर पाये.
पहले बदलाव के रुप में आये इशांत शर्मा ने प्रभावशाली गेंदबाजी की. उन्होंने अपने पहले स्पैल में पांच ओवर में नौ रन दिये और कुक का मिडिल स्टंप उखाडा. शमी ने अपने दूसरे स्पैल में भारत को केविन पीटरसन (छह) का कीमती विकेट दिलाया जो शार्ट पिच गेंद को पुल करके सीमा रेखा पार पहुंचाने के प्रयास में मिडविकेट पर जडेजा को कैच दे बैठे थे. बेल और रुट ने सहजता से रन बटोरने की रणनीति अपनायी. महेंद्र सिंह धोनी ने श्रृंखला में दूसरी बार युवराज सिंह को भी गेंद सौंपी लेकिन रुट ने उनके पहले ओवर में दो चौके जडकर भारतीय कप्तान को रणनीति बदलने के लिये मजबूर कर दिया.
भारत के दोनों स्पिनर आर अश्विन और जडेजा ने बीच के ओवरों में किफायती गेंदबाजी की. इस बीच जडेजा ने रुट का विकेट उखाडा लेकिन बेल और मोर्गन ने इंग्लैंड को परेशानी में नहीं पडने दिया. बेल ने 96वां रन लेते ही वनडे में 4000 रन पूरे किये. उन्होंने इशांत के इसी ओवर में फुलटास पर चौका जडकर इस श्रृंखला का पहला शतक पूरा किया.
जब रनों और गेंदों के बीच अंतर बढ रहा था तब मोर्गन ने अश्विन और शमी पर छक्के जडकर इंग्लैंड की जीत सुनिश्चित की. इससे पहले कुक का टास जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी सौंपने का फैसला सही साबित हुआ. भारतीय शीर्ष क्रम फिर से नहीं चल पाया. ब्रेसनन ने चौथे ओवर में ही रोहित शर्मा :चार: और विराट कोहली (शून्य) को पवेलियन भेजकर भारतीय खेमे में खलबली मचा दी. इन दोनों के कैच दूसरी स्लिप में ट्रेडवेल ने लपके.
गौतम गंभीर (24) ने ब्रेसनेन के अगले ओवर में लगातार दो चौके मारे लेकिन युवराज सिंह (शून्य) एक बार फिर विफल रहे जिससे भारत का स्कोर तीन विकेट पर 24 रन हो गया. युवराज ने फिन की गेंद पर प्वाइंट में मोर्गन को कैच थमाया.
रैना जब पांच रन पर थे तब ट्रेडवेल ने उनको जीवनदान दिया. बायें हाथ के इस बल्लेबाज ने इसका फायदा उठाकर वोक्स पर तीन चौके लगाकर वनडे क्रिकेट में 4000 रन पूरे किये लेकिन गंभीर ने ट्रेडवेल की गेंद कट करने के प्रयास में बेल को आसान कैच थमा दिया. धोनी भी सिर्फ 15 रन बनाने के बाद फिन की सीधी गेंद को चूककर पगबाधा आउट हुए.
रैना और जडेजा ने पारी संभाली. रैना ने ट्रेडवेल और जो रुट पर जबकि जडेजा ने भी समित पटेल पर छक्का जडा. इससे पहले जडेजा ने 65वें मैच में वनडे क्रिकेट में 1000 रन भी पूरे किए. रैना ने रुट की गेंद पर चौके के साथ 71 गेंद में श्रृंखला का अपना चौथा अर्धशतक पूरा किया. उन्हें रांची में तीसरे वनडे में बल्लेबाजी का मौका नहीं मिला था.
ट्रेडवेल के पारी के 37वें ओवर में रैना को दो बार जीवनदान मिला. पहले कप्तान कुक और फिर स्वयं गेंदबाज ने उनका कैच छोडा. ट्रेडवेल ने जडेजा को बेल के हाथों प्वाइंट में कैच कराके यह साङोदारी तोडी. उन्होंने 65 गेंद का सामना करके एक चौका और दो छक्के मारे. भारत ने पावरप्ले के पांच ओवर में सिर्फ 25 रन जोडे.
रैना ने समित पटेल पर लगातार दो चौके जमाने के बाद वोक्स की शार्ट पिच गेंद पर मिडविकेट पर बेल को कैच थमाया. उन्होंने 98 गेंद की अपनी पारी में दो छक्के और आठ चौके मारे. भुवनेश्वर और रविचंद्रन अश्विन (19) ने इसके बाद टीम का स्कोर 200 रन के पार पहुंचाया.