नई दिल्ली - अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुले बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए विदेश व्यापार अर्थव्यवस्थाओं का विकास बहुत महत्वपूर्ण हो गया है I आधुनिक युग में, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) सभी प्रकार और आकर के उद्यमों के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैI आईटी (हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर) अपने डिजाइन क्षमताओं, संचालन क्षमता और आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन (SCM) की दक्षता को बढ़ाने के लिए हर उद्यम द्वारा प्रयोग किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण उपकरण हैI
जुलाई 2011 में प्रतिस्पर्धा में निष्पक्षता और समान स्तर सुनिश्चित करने के लिए , अमरीका के दो राज्यों में अनुचित प्रतिस्पर्धा अधिनियम (UCA) पारित किया गया I इस अधिनियम के तहत, केवल वह कंपनी जो पूरे मूल्य श्रृंखला में केवल वास्तविक तथा वैध आईटी का प्रयोग करती है अमेरिकी कंपनियों के साथ व्यापार कर पाएंगीI गैरकानूनी आईटी का उपयोग अनुचित प्रतिस्पर्धा कानून का उल्लंघन माना जाएगा I
UCA के तहत या तो कंपनियों को अवैध रूप से आईटी के उपयोग को रोकने होगा, नहीं तो वे लाभप्रद अमेरिकी बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को खो सकती हैI
एक बड़े पैमाने पर भारतीय अर्थव्यवस्था अन्य देशों से निर्यात और आयात पर निर्भर करती हैI उदारीकरण के बाद, भारतीय निर्यात का मूल्य तेजी से बढ़ा हैI भारत के प्रमुख व्यापारिक भागीदार यूरोपीय संघ, चीन, संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात हैंI अमेरीका भारत के सबसे बड़े व्यापारिक भागीदारों में से एक हैI अमेरिका द्वारा भारत से आयातित प्रमुख वस्तुए हैं आईटी सेवाएँ, कपड़ा, रत्न एवं आभूषण, रसायन, लोहा और इस्पात उत्पाद, कॉफी, चाय आदि इसी तरह भारत अमेरीका से विमान, उर्वरक, कंप्यूटर हार्डवेयर चिकित्सा उपकरण आदि आयात करता हैI
नया अनुचित प्रतिस्पर्धा कानून जो अमरीका को निर्यात किये जाने वाले उत्पादों के निर्माण में किसी भी भाग में अवैध आईटी के उपयोग को प्रतिबंधित करता है, भारतीय निर्यातकों और निर्माताओं के लिए एक वरदान हैI
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ मैनेजमेंट , बैंगलोर के प्रोफेसर गोपाल नाइक के अनुसार “ अनुचित प्रतिस्पर्धा अधिनियम भारतीय निर्यातकों के लिए अमेरिकी बाजार में उनकी हिस्सेदारी में सुधार लाने के लिए एक वरदान हो सकता है क्योंकि भारत मैं सॉफ्टवेयर चोरी कि दर अपने प्रतियोगियों की तुलना में अपेक्षाकृत कम हैंI यह भारतीय निर्माताओ के लिए उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार लाने का एक अच्छा अवसर भी हैI”
पायरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग अनुचित प्रतिस्पर्धा को जन्म देता है जो व्यावसायिक नैतिकता के विरुद्ध है I कोई भी कंपनी जो अमेरिकी राज्यों के साथ व्यापर करती है और पायरेटेड सॉफ्टवेयर का उपयोग करती है, उस पर UCA के तहत मुकदमा चलने कि बहुत अधिक संभावना है, जिसके अंतर्गत जुर्माना से लेकर व्यापार प्रतिबंध तक कि सजा मिल सकती हैI
भारतीय निर्यातक यह सुनिश्चित कर ले की उनके पास सभी आवश्यक सॉफ्टवेयर लाइसेंस है , इसके लिए वे विभिन्न ऑफलाइन या ऑनलाइन उपलब्ध साधनों का उपयोग कर सकते हैंI ऐसा ही एक साधन सॉफ्टवेयर एसेट मैनेजमेंट (S.A.M.) है I इसके लिए कंपनी को एक सॉफ्टवेयर प्रकाशक (auditor) की जरूरत है, जो ऑडिट करके प्रमाण पत्र प्रदान करेगा I इस प्रमाण पत्र की मदद से भारतीय कम्पनिओं को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा करने में मदद मिलेगी, और वैश्विक कारोबारी माहौल में कंपनी की छवि और प्रतिष्ठा भी सुधरेगीI
एक और बहुत ही आसान ऑनलाइन विकल्प verafirm रजिस्ट्री है I कंपनी अपनी सॉफ्टवेयर संपत्ति को www.verafirm.org में ऑनलाइन पंजीकृत कर सकती है www.verafirm.org मैं पंजीकृत होने के बाद , कंपनी को एक “डिजिटल लोगो” मिलेगा, जिसे कंपनी की वेबसाइट में शामिल किया जा सकता हैI जो कंपनी की प्रतिष्ठा को बढ़ाने और बेहतर व्यावसायिक अवसर पाने में उपयोगी हो सकता है है I