बंगलुरू - भारत के सबसे बड़ी ज्वैलरी निर्माता डेरेवाला ज्वैलरी इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने प्रदेश में बुनियादी ढांचे और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए कर्नाटक स्टेट टूरिज्म डवलपमेंट कॉर्पोरेशन (केएसटीडीसी), गोल्डन चैरियट और जंगल लॉजेस एंड रिजॉट्र्स लि. (जेएलआर) के साथ तीन मैमोरेंडम ऑफ अंडरस्टेंडिंज्स (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। एक अहम घटनाक्रम में जयपुर की इस आलातरीन ज्वैलरी कंपनी ने अपनी सीएसआर पहल के तहत कर्नाटक स्टेट टूरिज्म के साथ इन तीन एमओयू पर हस्ताक्षर किए। इस आशय की घोषणा आज यहां होटल ललित अशोक में की गई।
पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए डेरेवाला ज्वैलरी इंडस्ट्रीज के चेयरमैन प्रमोद अग्रवाल ने बताया, ‘डेरेवाला ज्वैलरी इंडस्ट्रीज लिमिटेड और स्टेट टूरिज्म ऑफ कर्नाटक के बीच हुए इस करार पर हमें अपार प्रसन्नता हो रही है, जो प्रदेश को एक बिलकुल नई किस्म की पहल करने वाले और पूरे भारत में एक नई शुरुआत करने वाले प्रदेश के रूप में देखा जा रहा है।’
उन्होंने आगे बताया, ‘इस करार के तहत हम प्रदेश के हाईवेज पर मौजूद कर्नाटक स्टेट टूरिज्म डवलपमेंट कॉर्पोरेशन की विभिन्न होटल प्रॉपर्टीज, काबिनी रिवर लॉज, बंदीपुर सफारी लॉज की को-ब्रांडिंग करेंगे और बिक्री राजस्व का कुछ हिस्सा हम अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिसबांसिबिलिटी के रूप में कर्नाटक के बुनियादी पर्यटन ढांचे के कल्याणार्थ भी देंगे। शरुआती तौर पर हमारे ब्रांड मिलान और प्लूवियरो को 6 केएसटीडीसी होटलों, गोल्डन चैरियट द लज्जरी ट्रेन के अलावा द जंगल लॉजेस व रिजॉर्ट प्रॉपर्टीज में डिस्प्ले और बिक्री के लिए रखा जाएगा।’
डेरेवाला ज्वैलरी इंडस्ट्रीज लि. में कॉर्पोरेट हैड, मार्केटिंग, सेल्स एंड सीएसआर संजय कपूर ने बताया, ‘डेरेवाला ज्वैलरी ने कर्नाटक में अपना सफर शुरू कर दिया है- एक ऐसा सफर जिसमें सौंदर्य, च्लैमर, स्टाइल, कल्चर, ग्रेस और फैशन का हर पहलू शामिल है जो कर्नाटकवासियों को खूब भाएगा, न सिर्फ गेटवे ऑफ इंडिया के रूप में बल्कि एक बड़े व अहम इंटरनेशनल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में।’
कर्नाटक स्टेट टूरिज्म में एडिशनल चीफ सेक्रेट्री अरविंद जाधव भी इस करार पर बेहद खुश हैं और उनका कहना है कि यह अपने आप में एक बेहद अनूठी पहल है और डेरेवाला ज्वैलरी जैसे प्रतिष्ठित ज्वैलरी ब्रांड के साथ जुडऩा अपने आप में एक बेजोड़ उपलब्धि है। उन्होंने बताया, ‘हमें पूरा यकीन है कि इस करार से हम दोनों सहभागियों को फायदा होगा और हम अपने प्रदेश के लिए ऐसे लाभकारी पहलू इसमें तलाश पाएंगे, जिनमें दुनियाभर से यहां आने वाले सैलानियों के लिए बेमिसाल सांस्कृतिक लाभ उपलब्ध होंगे।’
जंगल लॉज एंड रिजॉट्र्स लि. के प्रबंध निदेशक अनूर रेड्डी ने बताया कि प्रदेश के बीचेस, ट्रॉपिकल फॉरेस्ट्स, नदियों और वाइल्ड लाइफ सैंचुरीज समेत प्रदेश में पर्यावरणीय पर्यटक स्थलों के विकास की जिम्मेदारी उनकी है। केएसटीडीसी के प्रबंध निदेशक डा. सी.डी. दयावैया भी इस मौके पर मौजूद थे।